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National

International education

August 14, 2021 11:53 PM

*मुख्यमंत्री कार्यालय,*

*एनसीटी, दिल्ली सरकार।*

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*प्रेस विज्ञप्ति*

 

*अब दिल्ली के बच्चों को मिलेगी अंरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, सीएम अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में दिल्ली शिक्षा बोर्ड का इंटरनेशनल शिक्षा बोर्ड से हुआ करार*

 

*- जिस शिक्षा के लिए बड़े-बड़े अमीरों के बच्चे तरसते हैं, अब वह शिक्षा दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे गरीब बच्चों को भी मिला करेगी- अरविंद केजरीवाल*

 

*- इस समझौते के बाद दिल्ली के स्कूली बच्चों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की देखरेख में तय प्रणाली के तहत की जाएगी व स्कूलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा- अरविंद केजरीवाल*

 

*- अभी 30 स्कूलों से यह व्यवस्था शुरू कर रहे है, अब इन स्कूलों के शिक्षकों की ट्रेनिंग अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ करवाएंगे- अरविंद केजरीवाल*

 

*- हम हमेशा से इस बात में यकीन रखते हैं कि शिक्षा एक ऐसी चीज है, जो एक पीढ़ी के अंदर हमारे देश की गरीबी दूर कर सकती है- अरविंद केजरीवाल*

 

*- अब हमारे बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने के लायक बनेंगे, इसकी शुरुआत दिल्ली से हुई है - अरविंद केजरीवाल*

 

*- यह मॉडल पूरे देश को एक दिशा दिखाएगा और दिल्ली के साथ हमारे देश से गरीबी दूर होगी- अरविंद केजरीवाल*

 

 *अंतरराष्ट्रीय बोर्ड के कई विकसित देशों की सरकारों के साथ समझौते हैं, जैसे- अमेरिका, कनाडा, स्पेन, जापान और साउथ कोरिया, अब इस लिस्ट में दिल्ली सरकार का नाम भी शामिल हो गया - अरविंद केजरीवाल* 

 

 

*- हम चाहते हैं कि हमारे छात्र वैश्विक लीडर बनें, आईबी के साथ हमारी साझेदारी उस दिशा में एक कदम है- मनीष सिसोदिया*

 

*- हम नहीं चाहते कि हमारे छात्र सिर्फ परीक्षा पास करें, बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पेशेवर और जिम्मेदार नागरिक बनें- मनीष सिसोदिया*

 

*- इंटरनेशनल शिक्षा बोर्ड स्कूली शिक्षा को उच्चतम गुणवत्ता पर लाकर व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है- स्टेफ़नी लेओंग*

 

*नई दिल्ली, 11 अगस्त, 2021*

 

अब दिल्ली के बच्चों को अंरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में दिल्ली शिक्षा बोर्ड का इंटरनेशनल शिक्षा बोर्ड के साथ एमओयू साइन हुआ। शिक्षा निदेशक उदित प्रकाश राय और आईबी की ओर से भारत-नेपाल के हेड ऑफ़ डेवलपमेंट एंड रिकॉग्निशन महेश बालाकृष्णन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि जिस शिक्षा के लिए बड़े-बड़े अमीरों के बच्चे तरसते हैं, अब वह शिक्षा दिल्ली के गरीब बच्चों को मिला करेगी। इस समझौते के बाद दिल्ली के स्कूली बच्चों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की देखरेख में तय प्रणाली के तहत की जाएगी और स्कूलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जाएगा। अभी 30 स्कूलों से शुरू किया जा रहा है। इन स्कूलों के शिक्षकों की ट्रेनिंग अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ करवाएंगे। अब हमारे बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने के लायक बनेंगे। यह मॉडल पूरे देश को एक दिशा दिखाएगा और दिल्ली के साथ हमारे देश से गरीबी दूर होगी।

 

इस दौरान उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे छात्र वैश्विक लीडर बनें। आईबी के साथ हमारी साझेदारी उस दिशा में एक कदम है। हम नहीं चाहते कि हमारे छात्र सिर्फ परीक्षा पास करें, बल्कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पेशेवर और जिम्मेदार नागरिक बनें। वहीं, इंटरनेशनल बैकलॉरिएट के एशिया-पैसिफिक की डेवलपमेंट और रिकॉग्निशन प्रमुख स्टेफनी लिओंग ने कहा कि इंटरनेशनल शिक्षा बोर्ड स्कूली शिक्षा को उच्चतम गुणवत्ता पर लाकर व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है।

 

सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस समझौते के संबंध में ट्वीट कर कहा, ‘‘आज दिल्ली शिक्षा बोर्ड के साथ इंटरनेशनल शिक्षा बोर्ड का समझौता हुआ है। ये बहुत बड़ी बात है। दिल्लीवासियों के लिए बेहद ख़ुशी की बात है। हमारे बच्चों को अब दिल्ली में इंटरनेशनल लेवल की शिक्षा मिलेगी।’’

 

 *अंतरराष्ट्रीय बोर्ड के कई विकसित देशों की सरकारों के साथ समझौते हैं, जैसे- अमेरिका, कनाडा, स्पेन, जापान और साउथ कोरिया, अब इस लिस्ट में दिल्ली का नाम भी शामिल हो गया - अरविंद केजरीवाल* 

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड के साथ हुए करार के संबंध में डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी साझा करते हुए कहा कि जब हमने दिल्ली का शिक्षा बोर्ड बनाया था, तो कई लोगों ने हमसे पूछा कि जैसे अन्य राज्यों का बोर्ड है, वैसे ही आपका भी बोर्ड होगा। दिल्ली एक राज्य है, तो आपने भी दिल्ली में अपना एक शिक्षा बोर्ड बना लिया। सीएम ने कहा कि जैसे हर राज्य का अपना एक शिक्षा बोर्ड है और केंद्र सरकार का अपना एक शिक्षा बोर्ड है, ऐसे ही एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा बोर्ड है, जिसको इंटरनेशनल बैकलोरीएट कहते हैं। यह जो इंटरनेशनल शिक्षा बोर्ड है, वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करता है और बहुत अच्छा माना जाता है। दुनिया भर के और हमारे देश के भी जो बड़े-बड़े स्कूल हैं, जहां अमीरों के बच्चे पढ़ते हैं, उनका यह सपना रहता है कि हमें किसी भी तरह से इंटरनेशनल बोर्ड की शिक्षा मिलनी चाहिए। पूरी दुनिया के अंदर इंटरनेशनल बैकलोरीएट (आईबी) के 5500 स्कूलों के साथ समझौते हैं। यह 159 देशों में काम करता है। अर्थात 159 देशों के अंदर उनके स्कूलों के साथ इनके समझौते हैं। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बोर्ड के कुछ देशों की सरकारों के साथ समझौते हैं। जैसे- अमेरिका, कनाडा, स्पेन, जापान और साउथ कोरिया समेत बड़े-बड़े विकसित देशों के साथ इनके समझौते हैं। 

 

*आप’ की सरकार ने सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी परिवर्तन किए - अरविंद केजरीवाल*

 

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज खुशी की बात यह है कि दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन का इंटरनेशनल बोर्ड के साथ समझौता हुआ है। अब दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के तहत जितने स्कूल आएंगे, उन सभी स्कूलों के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिला करेगी। यह बहुत बड़ी बात है। हम जानते हैं कि हमारे देश के अंदर की दो तरह की शिक्षा प्रणाली है। एक- अमीरों और पैसे वालों के बच्चों के लिए और दूसरी, गरीबों के बच्चों के लिए। जिसके पास पैसा है, वो अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में भेजते हैं और जिसके पास पैसा नहीं है, गरीब हैं, वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजते हैं। अभी तक सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब हुआ करती थी। पूरे देश के अंदर यही हालत है, लेकिन दिल्ली में जबसे आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, सरकारी स्कूलों में हमने क्रांतिकारी परिवर्तन किए हैं। सरकारी स्कूलों की बिल्डिंग बहुत अच्छी की है। सरकारी स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत अच्छा किया है। सरकारी स्कूलों के टीचर्स को विदेशों में ट्रेनिंग करवाई है और आज सरकारी स्कूलों के नतीजे बहुत अच्छे आने लगे हैं। 

 

*जिस शिक्षा के लिए अमीरों के बच्चे तरसते हैं, अब वह शिक्षा दिल्ली के गरीब बच्चों को मिलेगी- अरविंद केजरीवाल*

 

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज हुए इस करार के बाद अब हमारी दिल्ली के गरीब बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी। यह बहुत बड़ी बात है। जिस शिक्षा के लिए बड़े-बड़े अमीरों के बच्चे तरसते हैं, वह शिक्षा दिल्ली के गरीब बच्चों को मिला करेगी। यह जो अंतरराष्ट्रीय बोर्ड है, इसके साथ आज जो करार हुआ है, इसका क्या मतलब है? इसका मतलब यह है कि विदेशों से एक्सपोर्ट्स आएंगे। हमारे दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के तहत जितने भी स्कूल आएंगे, उसमें प्राइवेट स्कूल भी होंगे। प्राइवेट स्कूल भी हमारे दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन संबद्ध हो सकते हैं। इसमें सभी सरकारी स्कूल होंगे। अभी 30 स्कूलों से इसको शुरू किया जा रहा है। उन स्कूलों के टीचर की ट्रेनिंग अब अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ करवाएंगे। अब स्कूलों के अंदर उन बच्चों का मूल्यांकन कैसे होगा? यह इंटरनेशनल बोर्ड तय करेगा। उनके मार्ग दर्शन और उनकी देखरेख में मूल्यांकन की प्रणाली तय की जाएगी। इनके विदेशों से विशेषज्ञ आएंगे, जो हर स्कूल के अंदर जाएंगे और हर स्कूल का निरीक्षण करेंगे। ये हर स्कूल का सत्यापन करेंगे और हर स्कूल का प्रमाणीकरण (सर्टिफिकेशन) करेंगे कि इस स्कूल के अंदर क्या-क्या कमियां हैं और उन कमियों को दूर किया जाए, ताकि यह स्कूल अंतरराष्ट्रीय स्तर का बन सके। 

 

सीएम ने अंत में कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि एक तरफ जहां देश आजादी के 75 साल मना रहा है, वही एक बहुत बड़ी आशा की किरण जागी है। यह दिल्ली से शुरुआत हुई है। अब दिल्ली के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलनी चालू होगी। हमारे बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला करने के लायक बनेंगे और हमेशा से हम इस बात में यकीन रखते हैं कि शिक्षा एक ऐसी चीज है, जो एक पीढ़ी के अंदर हमारे देश की गरीबी दूर कर सकती है। हमारे बच्चे जब अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऊपर मुकाबला करेंगे, तो दिल्ली से भी गरीबी दूर होगी और यह मॉडल पूरे देश को एक दिशा दिखाएगा और हमारे देश से गरीबी दूर होगी।

 

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इससे पहले, दिल्ली स्कूल एजुकेशन बोर्ड ने बुधवार को करिकुलम, पेडागोजी और असेसमेंट के क्षेत्र में वर्ल्ड क्लास प्रैक्टिसेज को अपनाने के लिए इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (आई.बी) के साथ एमओयू साइन किया है। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने की है। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, मुख्य सचिव विजय देव और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों सहित आईबी के प्रतिनिधि के रूप में सिंगापुर से हेड ऑफ़ डेवलपमेंट एंड रिकॉग्निशन, एशिया-पैसिफिक स्टेफनी लिओंग और भारत-नेपाल के हेड ऑफ़ डेवलपमेंट एंड रिकॉग्निशन महेश बालाकृष्णन शामिल रहे।

 

शैक्षणिक सत्र 2021-22 में आईबी दिल्ली सरकार के 30 स्कूलों के साथ सीधे तौर पर काम करेगी। ये सभी स्कूल दिल्ली बोर्ड ऑफ़ स्कूल एजुकेशन द्वारा एफिलिएटेड होंगे। आगामी वर्षों में दूसरे स्कूलों को भी आईबी के साथ जोड़ा जाएगा।

 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार आईबी के साथ नॉलेज पार्टनरशिप एग्रीमेंट पर साइन किया है। मुख्यमंत्री हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि हम सिर्फ छात्रों को शिक्षा पूरी करते हुए और डिग्री लेते हुए नहीं देखना चाहते हैं, बल्कि हम उन्हें देश और दुनिया के बेस्ट प्रोफेशनल्स के रूप में विकसित करना चाहते हैं, जो एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने परिवार, समाज और देश की तरक्की के लिए काम कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि हमारे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को ग्लोबल लीडर्स के रूप में तैयार करने के लिए इन प्रोफेशनल्स की गुणवत्ता बेहतरीन होनी चाहिए।

 

दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शिक्षा निदेशक और डीबीएसई के चेयरमैन उदित प्रकाश राय को इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (आईबी) के साथ एमओयू साइन करने के लिए अधिकृत किया। आईबी की ओर से भारत-नेपाल के हेड ऑफ़ डेवलपमेंट एंड रिकॉग्निशन महेश बालाकृष्णन ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर आईबी की एशिया-पैसिफिक हेड ऑफ़ डेवलपमेंट एंड रिकॉग्निशन स्टेफनी लिओंग ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहीं।

 

इंटरनेशनल बैकलॉरिएट के एशिया-पैसिफिक की डेवलपमेंट और रिकॉग्निशन प्रमुख स्टेफनी लिओंग ने कहा कि आईबी वर्ल्ड स्कूल बनने का मतलब दुनिया भर के पांच हजार से भी अधिक स्कूलों के समुदाय में शामिल होना है। आईबी कार्यक्रमों को कार्यान्वित करना और नियमित रूप से विकसित हो रहे वैश्विक शिक्षा नेटवर्क का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है। छात्र नेताओं और शिक्षकों के लिए आईबी विकास कार्यशालाएं नया सीखने का अवसर प्रदान करती हैं और स्कूलों की उच्चतम गुणवत्ता की व्यावसायिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करती हैं। आईबी शिक्षा को होशियार युवाओं को समृद्ध रूप से हर क्षेत्र में विकसित करने के लिए तैयार किया गया है, जो की एक बेहतर और शांतिपूर्ण दुनिया बनाने के लिए समर्पित है।

 

*गठजोड़ इस प्रकार है*

 

गठबंधन के लिए निर्धारित 30 स्कूलों में से 10 सर्वाेदय स्कूल और 20 स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस के हैं। एसओएसई का ख़ास ध्यान रखा जाएगा। आईबी कार्यक्रम की प्रक्रृति इस प्रकार हैं।

 

ए. 10 सर्वाेदय विद्यालयों में प्राइमरी ईयर प्रोग्राम (पीवाईपी) कक्षा नर्सरी से कक्षा 5 के लिए चलाया जाएगा और मिडिल ईयर प्रोग्राम (एमवाईपी) कक्षा 6-8 के लिए चलाया जाएगा।

 

बी. स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस के 20 स्कूलों में मिडिल ईयर प्रोग्राम (एमवाईपी) कक्षा 9-10 के लिए और डिप्लोमा प्रोग्राम (डीपी) और करियर प्रोग्राम (सीपी) अगले साल से कक्षा 11-12 के लिए चलेगा।

 

इन स्कूलों के प्रमुख और शिक्षकों को विश्व-स्तर की प्रतिष्ठित ट्रेनिंग आईबी विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी।

 

सर्वाेदय स्कूलों के 400 से अधिक शिक्षकों और स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस के 250 शिक्षक को आईबी द्वारा व्यावसायिक विकास कार्यशालाओं का हिस्सा बनाया जाएगा, जो उनकी क्षमता निर्माण और कौशल विकास में मदद करेगा।

 

आईबी के सहयोग से इन स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 15 हजार छात्रों को बेहतरीन लाभ मिलेगा।

 

*आईबी के सहयोग के साथ डीबीएसई स्कूलों को यह लाभ होगा-*

 

ए. आईबी के विश्व स्तरीय प्रशंसित शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया और सीखने की प्रक्रिया का दृष्टिकोण।

 

बी. आंकलन- आईबी के कार्यक्रम संसाधन केंद्र के माध्यम से शिक्षक आईबी कार्यक्रमों की बेहतरीन कार्यप्रणाली का आंकलन करेंगे।

 

सी. शिक्षक प्रशिक्षण- आईबी कार्यक्रमों को लागू करने वाले स्कूलों के शिक्षकों को आईबी व्यावसायिक विकास कार्यशालाओं के माध्यम से लक्ष्यों और विकास के लिए कार्यशालाओं का संचालन करना होता है।

 

डी. स्कूल कार्यक्रमों की तैयारी के लिए परामर्श यात्रा, सत्यापन यात्रा, मूल्यांकन यात्राओं, आईबी संगोष्ठियों का आयोजन करना। इसके अलावा सम्मेलनों में भागीदारी और ज्ञान साझा कर सकारात्मक अनुभव प्राप्त करने के लिए प्रोग्राम नेटवर्क मीटिंग का आयोजन करना।

 

ई. स्कूलों में आईबी कार्यक्रम को लागू कर वैश्विक सर्वाेत्तम प्रथाओं को अपनाना। स्कूल के पाठ्यक्रम की समीक्षा के लिए निष्पक्ष दृष्टिकोण अपनाना।

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