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कोविड 19 की संभावित तीसरी लहर के लिए दिल्ली सरकार ने की मजबूत तैयारी

रविंद्र कुमार | June 05, 2021 06:46 PM

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार कोरोना की संभावित तीसरी लहर की स्थिति में लोगों को प्रभावी इलाज सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

 कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक कदम आगे बढ़ाते हुए, दिल्ली सरकार ने योजना बनाना और सुविधाएं तैयार करना शुरू कर दिया है। ताकि शहर को बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन और दवाओं की कमी का सामना ना करना पड़े। 'विशेषज्ञ समिति' के साथ हुई पहली बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है। जिसमें बच्चों के प्रभावी उपचार के लिए स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करने, पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड तैयार करने, अधिक पैरामेडिकल स्टाफ तैनात करने, ऑक्सीजन की आपूर्ति, भंडारण और उत्पादन सुनिश्चित करने को लेकर फैसले किए गए हैं।

जिसकी जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक कदम आगे बढ़ाते हुए, दिल्ली सरकार ने योजना बनाना और सुविधाएं तैयार करना शुरू कर दिया है। ताकि शहर को बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन और दवाओं की कमी का सामना ना करना पड़े। 'विशेषज्ञ समिति' के साथ हुई पहली बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है। जिसमें बच्चों के प्रभावी उपचार के लिए स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने, अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण करने, पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड तैयार करने, अधिक पैरामेडिकल स्टाफ तैनात करने, ऑक्सीजन की आपूर्ति, भंडारण और उत्पादन सुनिश्चित करने को लेकर फैसले किए गए हैं।

मानव संसाधन और बिस्तर वृद्धि के संबंध में निर्णय

1. दिल्ली के अस्पतालों में पिछले कुछ महीनों के दौरान बेड बढ़ाने के बेहतर प्रयास के गए हैं। अप्रैल 2021 में आईसीयू बेड 1830 थे जो कि जून 2021 में 3100 हो गए हैं। कोविड बेड 5221 से बढ़ाकर 7978 कि गए हैं। इसके अलावा कई गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के साथ मिलकर नए सीएचसी बनाए गए हैं।


2.हमने पिछले महीनों में मैनपावर में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है। 610 डॉक्टरों, 628 नर्सों और 162 पैरामेडिकल स्टाफ लगाया गया है।

3.दिल्ली में संक्रमण दर और एक्टिव मामले में काफी गिरावट आई है, इसके बावजूद स्वास्थ्य ढांचे को मजूबत करने के प्रयास चालू रहेंगे। कोरोना की इस लहर में रोजाना 28400 नए मामलों आए थे, लेकिन दिल्ली में हम इससे भी बड़ी लहर से निपटने की क्षमता तैयार करेंगे। हमारा अस्पतालों और सीएचसी में 36900 कोविड बेड बनाने का लक्ष्य है। ये बेड़ सीसीसी से अलग होंगे।

4.दिल्ली में अभी तक आयी कोरोना की लहरों के दौरान दिल्ली सरकार के अस्पतालों में लगभग 20 फीसदी मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कर उपाचर किया गया। कोविड-19 की तीसरी लहर को रोकने के लिए लगभग 12000 बेड बढ़ाकर क्षमता को दोगुना करने की कोशिश है।

5. ऑक्सीजन और आईसीयू बेड पर फोकस रहेगा, इस संबंध में केंद्र सरकार, निजी क्षेत्र और गैर सरकारी संगठनों की मदद ली जाएगी।

6. हम सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार कर ऑक्सीजन पाइपलाइन, एलएमओ टैंक और ऑक्सीजन पॉइंट की तैयारी पहले ही शुरू करेंगे। वेंडर्स को भी पैनल में शामिल किया जाएगा।

7. नर्सों और डॉक्टरों के अनुबंध को छ महीने तक बढ़ाया जा रहा है यानी कि 31 दिसंबर 2021 तक इनका कॉन्ट्रेक्ट रहेगा। अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए अस्पतालों में स्वीकृत संख्या के हिसाब से पद भरे जाएंगे। इन अस्पतालों को शिक्षण अस्पातलों एलएनजेपी, जीटीबी आदि के साथ जोड़ा जाएगा ताकि शिक्षण का अनुभव ले सकें।

8. सभी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता में सुधार के लिए दिल्ली के अस्पतालों में पीजी और स्नातक के छात्रों के लिए एक साल की इंटर्नशिप शुरू की जाएगी, ताकि वे तुरंत एसआर के रूप में काम करना शुरू कर सकें और अनुभव भी प्राप्त कर सकें।

9. हम बड़े स्तर पर अस्पातलों में क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाएंगे। सभी गैर-आईसीयू चिकित्सा कर्मियों को ऑक्सीजन थेरेपी, आईसीयू प्रबंधन, बाल रोग स्वास्थ्य देखभाल, कोविड देखभाल गतिविधियों आदि में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया है। इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगभग 500 ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। 3 हजार से अधिक गैर-आईसीयू डॉक्टरों, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करेंगे। एमबीबीएस और बीडीएस के छात्रों को गैर-नैदानिक गतिविधियों और टेली-परामर्श के लिए तैयार किया जाएगा।

10. कोविड 19 से निपटने को लेकर क्षमता बढ़ाने के लिए एक श्रेणीबद्ध बढ़ोतरी की योजना तैयार की गई है। इनके आधार पर सबसे पहले बिस्तरों, वार्डों, अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। दूसरा उपकरणों की आपूर्ति को बेहतर किया जाएगा। तीसरा वैकल्पिक सर्जरी को रोकने और चौथा अन्य विभागों के संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

11. पीपीई किट को पूर्ण सुरक्षित सुनिश्चित करते हुए इसे और अधिक आरामदायक और हल्का बनाने की भी समीक्षा करेंगे।

12. लोकनायक अस्पताल में म्यूटेटिंग वायरस को ध्यान में रखते हुए 2-3 महीने में जीनोम सीक्वेंसिंग लैब को चालू कर दिया जाएगा।

ऑक्सीजन वृद्धि

1.दिल्ली सरकार के अधिकारी आईआईटी-दिल्ली के प्रोफेसर संजय धीर के साथ बातचीत कर रहे हैं। जिन्होंने तीन अलग-अलग हालातों में दिल्ली में ऑक्सीजन प्रबंधन से संबंधित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। आईआईटी-कानपुर के प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल जो कि सूत्र मॉडल के साथ देश में कोविड के प्रसार का गणितीय प्रक्षेपण तैयार किया है उन्हें भी विशेषज्ञ समिति में एक नियमित अतिथि सदस्य हैं।

2. बफर एलएमओ भंडारण क्षमता को 421 मीट्रिक टन तक बढ़ाया जाएगा और दिल्ली के एलएमओ भंडारण को दिल्ली की चरम ऑक्सीजन मांग के मुताबिक कम से कम एक दिन के बफर के लिए बढ़ाया जाएगा।

3. दिल्ली सरकार बेड कैपेसिटी बेंचमार्क से जुड़े सभी अस्पतालों में अनिवार्य एलएमओ स्टोरेज सुनिश्चित करने का आदेश भी जारी करेगी। वास्तविक समय के आधार पर ऑक्सीजन के स्तर को ट्रैक करने के लिए प्रत्येक भंडारण टैंक को टेलीमेट्री उपकरण के साथ जोड़ा जाएगा।

4. ऑक्सीजन प्लांटों से एलएमओ को तय समय पर मंगवाने और शहर में एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 350 मीट्रिक टन के लगभग 25 टैंकरों की खरीद की जाएगी।

5. दिल्ली सरकार 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन और 2000 सिलेंडरों की रिफिलिंग का ढांचा तैयार करेगी, कोरोना संकट और बिस्तर बढ़ने की स्थिति में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उप

ड़े स्तर पर अस्पातलों में क्षमता निर्माण कार्यक्रम चलाएंगे। सभी गैर-आईसीयू चिकित्सा कर्मियों को ऑक्सीजन थेरेपी, आईसीयू प्रबंधन, बाल रोग स्वास्थ्य देखभाल, कोविड देखभाल गतिविधियों आदि में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया है। इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगभग 500 ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। 3 हजार से अधिक गैर-आईसीयू डॉक्टरों, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करेंगे। एमबीबीएस और बीडीएस के छात्रों को गैर-नैदानिक गतिविधियों और टेली-परामर्श के लिए तैयार किया जाएगा।

10. कोविड 19 से निपटने को लेकर क्षमता बढ़ाने के लिए एक श्रेणीबद्ध बढ़ोतरी की योजना तैयार की गई है। इनके आधार पर सबसे पहले बिस्तरों, वार्डों, अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। दूसरा उपकरणों की आपूर्ति को बेहतर किया जाएगा। तीसरा वैकल्पिक सर्जरी को रोकने और चौथा अन्य विभागों के संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

11. पीपीई किट को पूर्ण सुरक्षित सुनिश्चित करते हुए इसे और अधिक आरामदायक और हल्का बनाने की भी समीक्षा करेंगे।

12. लोकनायक अस्पताल में म्यूटेटिंग वायरस को ध्यान में रखते हुए 2-3 महीने में जीनोम सीक्वेंसिंग लैब को चालू कर दिया जाएगा।

ऑक्सीजन वृद्धि

1.दिल्ली सरकार के अधिकारी आईआईटी-दिल्ली के प्रोफेसर संजय धीर के साथ बातचीत कर रहे हैं। जिन्होंने तीन अलग-अलग हालातों में दिल्ली में ऑक्सीजन प्रबंधन से संबंधित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। आईआईटी-कानपुर के प्रोफेसर मनिंदर अग्रवाल जो कि सूत्र मॉडल के साथ देश में कोविड के प्रसार का गणितीय प्रक्षेपण तैयार किया है उन्हें भी विशेषज्ञ समिति में एक नियमित अतिथि सदस्य हैं।

2. बफर एलएमओ भंडारण क्षमता को 421 मीट्रिक टन तक बढ़ाया जाएगा और दिल्ली के एलएमओ भंडारण को दिल्ली की चरम ऑक्सीजन मांग के मुताबिक कम से कम एक दिन के बफर के लिए बढ़ाया जाएगा।

3. दिल्ली सरकार बेड कैपेसिटी बेंचमार्क से जुड़े सभी अस्पतालों में अनिवार्य एलएमओ स्टोरेज सुनिश्चित करने का आदेश भी जारी करेगी। वास्तविक समय के आधार पर ऑक्सीजन के स्तर को ट्रैक करने के लिए प्रत्येक भंडारण टैंक को टेलीमेट्री उपकरण के साथ जोड़ा जाएगा।

4. ऑक्सीजन प्लांटों से एलएमओ को तय समय पर मंगवाने और शहर में एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 350 मीट्रिक टन के लगभग 25 टैंकरों की खरीद की जाएगी।

5. दिल्ली सरकार 150 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन और 2000 सिलेंडरों की रिफिलिंग का ढांचा तैयार करेगी, कोरोना संकट और बिस्तर बढ़ने की स्थिति में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संख्या में सिलेंडर खरीदे जानें चाहिए।

6. जमाखोरी रोकने के लिए क्यूआर कोड ट्रैकिंग की मदद से सिलेंडर की लाइव-ट्रैकिंग की जाएगी

कोविड उपचार संबंधी दवाओं के संबंध में निर्णय लिए गए

1.यह निर्णय लिया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं का एक उचित बफर स्टॉक तैयार किया जाएगा

2. सभी निजी अस्पतालों को एडवाइजरी जारी की जाएगी कि कोविड रोगियों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं की आवश्यक व्यवस्था करें।


3. डीजीएचएस के तहत वरिष्ठ डॉक्टरों/विशेषज्ञों की एक टीम आईईसी और मल्टी मॉडल जागरूकता अभियान के लिए बनाई जाएगी, ताकि रेमेडिसविर, टोसीलिजुमैब, मोनोक्लोनल एंटीबॉडी आदि दवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग के बारे में शिक्षित किया जा सके।

4.कोविड दवा प्रशासन और आईईसी सामग्री के लिए विस्तृत एसओपी तैयार किया जाएगा, जिसमें रेमडेसिविर, टोसीलिज़ुमैब, आदि जैसी किसी विशेष दवा के फायदे, नुकसान और उपयोग संबंधी दिशानिर्देश दिया जाएगा।

5. आईएमए, डीएमए और चिकित्सा जगत से अनुरोध करेंगे कि दवा को लेकर जनता शिक्षित करें और डॉक्टर किसी भी दवा का परामर्श देते समय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया/सोशल मीडिया के माध्यम से घबराहट में दवाओं की खरीदारी से बचने की लोगों को सलाह दें

6. आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के हिसाब से दिशानिर्देशों और सामान्य निर्देशों का पालन सभी अस्पतालों द्वारा किया जाए और जनता के बीच उनके ज्ञान और समझ के लिए विज्ञापन दिया जाए। हम इस संबंध में डीजीएचएस से बात करेंगे।

7. सरकारी अस्पतालों द्वारा वयस्क और बाल रोगियों के लिए आवश्यक दवाइयों की मात्रा का आंकलन करने के बाद खरीददारी की जाएगी, ताकि अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ-साथ होम आइसोलेशन के मरीजों को दवाई की कमी न रहे।

8. कोविड-19 की अगली लहर को देखते हुए कुल मरीजों में से 25 से 35 फीसदी मरीजों के लिए दिल्ली सरकार के अस्पतालों में दवा और उपकरणों का स्टॉक बनाने का निर्णय लिया गया है।


टीकाकरण अभियान

दिल्ली में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्र के अनुसार टीकाकरण किया जाएगा। बीएलओ और सीडीवी वाली फील्ड स्तरीय टीम बूथवार घर-घर जाकर टीकाकरण के पात्र लोगों की टीकाकरण की स्थिति का पता लगाएगी। टीकाकरण कराने के इच्छुक लाभार्थियों को कोविन पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। उनके घर के पास मतदान केंद्र में उपलब्ध कराई जा रही टीकाकरण सुविधा के बारे में बताया जाएगा। टीकाकरण से हिचकिचाने वाले लोगों की काउंसलिंग की जाएगी।

दिल्ली सरकार मतदान केंद्रों में नियर टू होम कोविड वैक्सीनेशन सेंटर (एनएचसीवीसी) की भी व्यवस्था करेगी। इसके जरिए 45 वर्ष से अधिक आयु के सभी लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी और टीकाकरण उनके घर के पास उपलब्ध कराया जाएगा। अगले कुछ हफ्तों में सभी विधानसभा क्षेत्रों को चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा।

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