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‘किसान आंदोलन’ के समर्थन में कल 14 दिसम्बर को पूरे देश में सामूहिक उपवास करेगी ‘आप’: गोपाल राय

December 13, 2020 11:25 PM

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि किसान आंदोलन के समर्थन में 14 दिसम्बर को पूरे देश में सामूहिक उपवास करेगी आम आदमी पार्टी। राय ने बताया कि आम आदमी पार्टी के विधायक, पार्षद और पदाधिकारी कल सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पार्टी मुख्यालय पर किसान आंदोलन के समर्थन में सामूहिक उपवास रखेंगे। भाजपा की केंद्र सरकार ने माना है कि तीनों कृषि बिल में कमियां हैं। जब सरकार ने खुद माना है कि बिल में संशोधन की जरूरत है तो फिर इसे वापस लेने में क्यों हिचकिचा रहे हैं? आम आदमी पार्टी की अपील है कि प्रधानमंत्री सीधे हस्तक्षेप करें और किसान नेताओं को बुलाकर उनसे मिलें। उन्होंने कहा कि भाजपा की दिल्ली पुलिस कहती है कि महामारी के हालात में धारा 144 लागू होने के कारण किसान, आम आदमी पार्टी के नेता प्रदर्शन नहीं कर सकते, तो फिर भाजपा के नेता मुख्यमंत्री आवास पर किस एक्ट के तहत धरने पर हैं? केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पुलिस का दुरुपयोग कर अपने हिसाब से दिल्ली व देश को चलाना चाहते हैं, फिर भी किसानों का बिल के खिलाफ और एमसीडी में हुए 2500 करोड़ के घोटाले के खिलाफ 'आप' का आंदोलन आगे बढ़ेगा।

भाजपा की केंद्र सरकार ने माना है कि तीनों कृषि बिल में कमियां हैं तो फिर इन्हें वापस लेने में क्यों हिचकिचा रहे हैं?, किसान आंदोलन में शामिल 11 किसानों की जान जा चुकी है और भाजपा के नेता-मंत्री अहंकार में चूर हैं, उन्हें लगता है कि इस आंदोलन को तोड़ देंगे- गोपाल राय

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री गोपाल राय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 18 दिनों से देश के किसान सड़क पर आंदोलनरत हैं। अभी तक जो आधिकारिक रिपोर्ट सामने आ रही है, उसके मुताबिक लगभग 11 किसानों की जान जा चुकी है। लेकिन केंद्र सरकार, भाजपा के नेता, मंत्री अपने अहंकार में चूर हैं। उनको लगता है कि एक न एक दिन इस आंदोलन को तोड़ देंगे और बदनाम कर देंगे। इस बढ़ती ठंड की वजह से किसान अपने घर चले जाएंगे। मुझे लगता है कि वो गलतफहमी में है। देश के किसान की जिदंगी का सवाल है। अभी तक 11 जान जा चुकी हैं और फिर भी वो इस कड़ाके की ठंड में सड़क पर डटे हुए हैं। मुझे लगता है कि भाजपा के नेताओं, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, कृषि मंत्री को आज देश के अन्नदाता की खातिर अपने अहंकार को छोड़कर उनकी मांगों को पूरा करने की जरूरत है। किसानों ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए सामूहिक उपवास का आह्वान किया है। किसान आंदोलन के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने निर्णय लिया है कि बिना झंडा और टोपी के कल देशभर में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता उपवास करेंगे और आंदोलन का समर्थन करेंगे। दिल्ली के अंदर आईटीओ पार्टी मुख्यालय पर कल पार्टी के पदाधिकारियों, विधायकों और पार्षदों के द्वारा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किसानों के समर्थन में सामूहिक उपवास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी किसानों की मांगों के समर्थन में पूरी तरह से हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। आंदोलन के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं-विधायकों द्वारा सेवादारी का जो कार्यक्रम सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर सहित अलग-अलग बॉर्डर पर चलाया जा रहा है, वो जारी रहेगा। हम पूरी तरह से किसानों की मांगों के समर्थन में हैं। देश ने दो बार देखा है, जब किसान दिल्ली की सीमा पर सड़क पर थे। प्रधानमंत्री वाराणसी में किसानों के मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे। हमने अभी देखा कि फिक्की के अधिवेशन में देश के उद्योगपतियों के साथ प्रधानमंत्री वार्ता कर रहे थे और किसानों के मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे। हम केंद्र सरकार से और खास तौर पर प्रधानमंत्री जी से अपील करना चाहते हैं कि फिक्की के अधिवेशन में भारत की उद्योग नीति को लेकर चर्चा करें, लेकिन किसानों के मुद्दे पर आप किसानों से सीधे बात करने से क्यों पीछे हट रहे हैं? आप कह रहे हैं कि कृषि कानून देश के लिए बेहतरी का रास्ता है, तो आप किसान नेताओं से बात करके उन्हें क्यों नहीं समझा रहे हैं? केंद्र सरकार के मंत्री और भाजपा के नेता कह रहे थे कि लोगों ने किसानों को गुमराह कर दिया है। हम किसानों को समझाएंगे कि इस कृषि बिल के क्या फायदे हैं? किसानों के साथ 6 दौर की वार्ता हुई, किसानों को देश के तीन मंत्रियों, गृहमंत्री ने समझाया कि इस कृषि बिल से किसानों का क्या फायदा है? सरकार ने भी विज्ञान भवन में प्रजेंटेशन दिया और किसान नेताओं के प्रतिनिधियों ने भी प्रेजेंटेशन दिया। यह सच है कि सरकार ने माना है कि तीनों कृषि बिल में कमियां हैं। सरकार ने यह माना है कि हमसे गलती हुई है। सरकार ने यह माना कि हमें पहले किसानों से वार्ता करनी चाहिए थी। कृषि कानून बनाने से पहले सरकार ने यह माना कि राज्यसभा के अंदर इस पर बातचीत-बहस होनी चाहिए थी।

गोपाल राय ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने यह माना कि इसमें संशोधन की गुंजाइश है। अगर सरकार मान रही है कि इनमें कमियां हैं, तो फिर उस बिल को वापस लेने में क्यों हिचकिचा जा रही हैं? क्या सरकार का अइंकार इसमें आड़े आ रहा है? जब आप खुद ही मान रहे हो कि इसमें कमियां हैं। लिखित तौर पर आपने दिया कि हमसे चूक-गलती हुई है और इसमें कमियां है। अगर इसमें कमियां है, तो उसे ठीक करने की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी केंद्र सरकार की बनती है। हम अब देख रहे हैं कि सरकार गलती मानने के बावजूद अपने अहंकार में फिर हमलावर हो रही है। मैं सरकार से मांग करना चाहता हूं कि इस आंदोलन को बदनाम करना बंद करिए। आप सोचते हो कि इस आंदोलन को बदनाम करेंगे और देश के किसान गुमराह हो जाएंगे। दो दिन से खबर आ रही है कि आप अलग-अलग किसान नेताओं से बात करके उनकी एकता को तोड़ना चाह रहे हो। आप सोचते हो कि उनकी एकता तोड़कर के इस आंदोलन को खत्म कर देंगे। मुझे लगता है कि सरकार को आज गंभीरता से विचार करना चाहिए। अब प्रधानमंत्री को सीधे हस्तक्षेप करना चाहिए। इधर-उधर सभाओं में जाकर बात करने की जगह सीधे किसान नेताओं को बुलाकर मिलना चाहिए। अगर बिल सही है, तो उनको समझाना चाहिए और अगर कमियां हैं, तो इस बिल को वापस लेकर के नए सिरे से कानून बनाने की तरफ बढ़ना चाहिए। मुझे लगता है कि इस देश के लाखों किसानों से बड़ा किसी सरकार का अहंकार नहीं हो सकता है। आम आदमी पार्टी इन किसान आंदोलनकारियों के समर्थन में है। हम कल सामूहिक उपवास करके इस आंदोलन को समर्थन देंगे।

गोपाल राय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली के अंदर पुलिस का पूरी तरह से दुरुपयोग कर रहे हैं। दिल्ली के अंदर आकर किसान धरना नहीं दे सकते और अपनी बात नहीं रख सकते, क्योंकि महामारी के हालात हैं?दिल्ली के अंदर धारा 144 लागू हो जाती है। एमसीडी में ढाई हजार करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। उसके खिलाफ केंद्रीय गृहमंत्री के यहां आज हमारे विधायक, तीनों नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष अपनी बात रखने जाने वाले थे। पांच विधायकों को घर से ही गिरफ्तार कर लिया गया। दिल्ली पुलिस कह रही है कि 144 धारा लागू है, कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता। उप राज्यपाल आवास से हमारी विधायक आतिशी और तीनों नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया। मैं पूछना चाहता हूं कि अगर किसानों के लिए धारा 144 और महामारी एक्ट लागू है। अगर आम आदमी पार्टी के विधायकों द्वारा एमसीडी में ढाई हजार करोड़ के घोटाले पर सवाल उठाने पर महामारी एक्ट लागू है। ऐसे में फिर आठ दिसंबर से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री आवास पर जो धरना दिया जा रहा है, वो किस महामारी एक्ट के तहत चल रहा है। 

केंद्रीय गृहमंत्री पुलिस का दुरुपयोग कर अपने हिसाब से दिल्ली व देश को चलाना चाहते हैं, फिर भी किसानों का बिल के खिलाफ और एमसीडी में हुए 2500 करोड़ के घोटाले के खिलाफ 'आप' का आंदोलन आगे बढ़ेगा- गोपाल राय

गोपाल राय ने कहा कि गृहमंत्री के हिसाब से भारत का एक्ट नहीं बदल सकता। गृहमंत्री अमित शाह सरासर पुलिस का दुरुपयोग कर अपने हिसाब से दिल्ली को चलाना चाहते हैं। लेकिन मैं आपसे कहना चाहता हूं किसानों का भी आंदोलन अपने अंजाम तक पहुंचेगा। देश के देशभक्त किसानों के साथ हैं। दिल्ली की नगर निगम के अंदर ढाई हजार करोड़ का घोटाला हुआ है, उसके खिलाफ भी आंदोलन आगे बढ़ेगा। अमित शाह आप पुलिस की दादागिरी-गुंड़ागर्दी से इस आवाज को दबा नहीं सकते हैं। मैं दिल्ली और देश के लोगों से अपील करना चाहता हूं कि यह जो अलोकतांत्रिक तरीके से चयनित कानून बनाने और बिगाड़ने का खेल चल रहा है, इस पर भी आप नजर रखें। क्योंकिं दिल्ली और देश के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार बराबर है। यह आंदोलन आगे भी जारी रहेंगे। आम आदमी पार्टी किसानों के आंदोलन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जो आंदोलन है, उसे भी आगे तेज करेगी।

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