Tuesday, September 22, 2020
Follow us on
Download Mobile App
BREAKING NEWS
AAP की मजबूती और 2022 में सरकार बनाने के लिए दिन-रात एक कर देंगे - हरचन्द सिंह बरसट‘आप’ प्रदेश उपाध्यक्ष भानुप्रकाश ने स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल को लेकर मंत्री टीएस पर किया पलटवारपटना में ‘आप’ ने आयोजित की मोहल्ला सभा, 2 सूत्री मांग पर कॉलोनी वासियों ने CM को भेजा प्रस्तावलोगों के सामूहिक प्रयासों से पिछले साल की तरह इस बार भी डेंगू को हराने में मदद मिलेगी: केजरीवाल‘आप’ ने तीन अहम नियुक्तियों का किया ऐलान, बरसट, नीना मित्तल और सुखी को मिली नई जिम्मेवारियांमोदी सरकार के हाथ में हैं शाही परिवार और बादलों की दुखती रग - हरपाल सिंह चीमाकिसानों के साथ कृषि बिल के नाम पर छलावा : ‘आप’दिल्ली सरकार ने ‘हर रविवार डेंगू पर वार’ अभियान में दिल्लीवासियों से सहयोग की अपील की
National

होम आइसोलेशन के सभी कोविड-19 मरीजों को ऑक्सीजन मापने के लिए दिए ऑक्सी पल्स मीटर: अरविंद केजरीवाल

June 26, 2020 10:24 PM

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक तरफ, हम दिल्ली में मौतों की संख्या पर लगाम कसने के लिए होम आइसोलेशन में इलाज करा रहे मरीजों को ऑक्सी पल्स मीटर दिए हैं और दूसरी तरफ, एलएनजेपी और राजीव गांधी अस्पताल में 200 और मरीजों पर प्लाज्मा थेरेपी का परीक्षण कर रहे हैं। हमें इन दो कदमों से दिल्ली में मौतों की संख्या कम होने की पूरी उम्मीद है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के केस बढ़े हैं, लेकिन अभी स्थिति नियंत्रण में है। दिल्ली में अब तीन गुना अधिक जांच की जा रही है, जिससे केस अधिक दिख रहे हैं। पहले प्रतिदिन 5-6 हजार जांच होने पर दो से ढाई हजार पाॅजिटिव केस आते थे और अब 18 हजार जांच होने पर 3 से 3.5 हजार केस आ रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन 3 से 3.5 हजार केस आने के बावजूद पिछले एक सप्ताह से 6 हजार के आसपास बेड की जरूरत बनी हुई है। जितने मरीज ठीक हो रहे हैं, लगभग उतने ही अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।

जांच की संख्या बढ़ने से मरीजों की संख्या भी बढ़ी है- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि दिल्ली में करीब 74000 कोरोना के केस हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि 74000 केस काफी केस हैं, लेकिन इसको अगर हम समझने की कोशिश करें, तो मैं यही कहूंगा कि अभी स्थिति काबू में है। चिंता की बात है, लेकिन घबराने की बात नहीं है। कुछ दिन पहले तक हम लोग लगभग 5 से 6 हजार टेस्ट रोज किया करते थे,  तब दो से ढाई हजार केस रोज आ रहे थे। अब हमने जांच की संख्या बढ़ाकर 18000 कर दी कर दी है। पिछले कुछ दिनों से 18 से 20 हजार जांच प्रतिदिन हो रही है। इस तरह हमने करीब 3 गुना जांच की संख्या बढ़ाकर कर दी है। जाहिर तौर पर जब हम जांच इतने बड़े स्तर पर कर रहे हैं, तो केस भी थोड़े से बढ़ रहे हैं। जब हम 5 से 6 हजार जांच रोज कर रहे थे, तब दो से ढाई हजार के केस पॉजिटिव आते थे और अब जब 18 हजार जांच रोज कर रहे हैं, तो 3 से 3.5 हजार केस ही बढ़े हैं। हमने टेस्ट 3 गुना कर दिए लेकिन पॉजिटिव केस, पहले 2 से 3 हजार आते थे और अब 3 से 3.5 हजार आने लगे हैं। जाहिर तौर पर अगर कल को हम एक लाख, दो या तीन लाख जांच करेंगे, तो केस थोड़े से ज्यादा आएंगे।मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अच्छी बात यह है कि 74000 अभी तक कुल केस हुए हैं, इनमें से 45000 लोग ठीक हो चुके हैं। लोग बड़ी तेजी से ठीक हो रहे हैं। ज्यादा टेस्ट करने की वजह से केस की संख्या ज्यादा दिख रही है, लेकिन लोग ठीक भी बहुत तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में अभी तक करीब 2400 लोगों की मौत हुई है। आज की तारीख में दिल्ली में कोरोना के करीब 26000 मरीज हैं। उन 26000 मरीजों में से केवल 6000 लोग ही अस्पताल में भर्ती हैं। बाकी लोग अपने घर पर इलाज करा रहे हैं। इनमें हल्की खांसी या बुखार है।

एक सप्ताह से बेड की जरूरत 6000 के आसपास बनी हुई है- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 1 सप्ताह में कुल बेड की संख्या जिन पर मरीज अभी हैं, वह लगभग 6000 के आसपास रही है, जबकि दिल्ली में प्रतिदिन 3 से 3.5 हजार नए मरीज आ रहे हैं, लेकिन इन मरीजों को रोज नए बेड की जरूरत नहीं पड़ रही है। इसका मतलब यह है कि यह गंभीर मरीज नहीं हैं। दिल्ली में जितने लोगों को कोरोना हो रहा है, वह हल्के लक्षणों वाला हो रहा है। लोगों को कोरोना होता है और वह ठीक हो जा रहे हैं। अस्पताल जाने की कम लोगों को जरूरत पड़ रही है और जितने लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल रही है लगभग उतने ही लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है। इस तरह पिछले एक सप्ताह से दिल्ली में बेड की जरूरत लगभग 6 हजार बनी हुई है। अभी हमने दिल्ली में करीब 13,500 बेड तैयार कर रखें है। इसमें से करीब 7500 बेड अभी खाली हैं और सिर्फ 6000 बेड पर ही मरीज हैं।

आईसीयू के और बेड बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे लगता है कि आने वाले समय में सम्भवतः आईसीयू बेड की जरूरत पढ़ सकती है। अब हमें लोगों की जान बचाने के लिए आईसीयू बेड बढ़ाने पड़ सकते हैं और हम दोनों की व्यवस्था कर रहे हैं। आज हमने कैबिनेट की बैठक की थी। बैठक में हमने बुराड़ी के अस्पताल में 450 बेड और बढ़ाने की अनुमति दे दी है और इसका पैसा भी हमने स्वीकृत कर दिया है। दिल्ली में बैंक्वेट हॉल के अंदर हमने 100 बेड का इंतजाम किया है। इसी तरह हम दिल्ली के कई और बैंक्वेट हॉल को अलग-अलग अस्पतालों से जोड़ेंगे और उन बैंक्वेट हॉल में हम बेड का इंतजाम कर देंगे। हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठे हैं। हम अभी से कल की तैयारी कर रहे हैं। अगर अचानक ज्यादा बेड की जरूरत पड़ती है, तो हम उसके लिए पहले से ही तैयारी कर रहे हैं।

जून के पहले सप्ताह में बेड की थोड़ी दिक्कत हुई थी, लेकिन अब नहीं- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जून के पहले हफ्ते में कुछ ऐसे दिन थे, जब पूरे दिल्ली में बेड की थोड़ी सी कमी हुई थी। तब मैं भी रात-रात भर जागकर लोगों के फोन रिसीव करके उनके लिए बेड का इंतजाम करता था। लेकिन आज स्थिति नियंत्रण में है। हमने पिछले 10 दिनों में होटलों के अंदर करीब 3500 बेड के इंतजाम किया है। उन होटलों को हमने अस्पतालों से अटैच कर दिया है। इस वजह से भी दिल्ली में बेड की संख्या काफी बढ़ गई है और आने वाले दिन में भी हम बैंक्वेट्स हॉल में और बेड लेंगे, बुराड़ी अस्पताल भी तैयार हो जाएगा। साथ ही कई और कदम उठा रहे हैं। इसके अलावा आईसीयू के अंदर भी बेड बढ़ा रहे हैं। जीटीबी, राजीव गांधी और एलएनजेपी में हम आईसीयू के बेड बहुत बड़ी संख्या में बढाने जा रहे हैं। ताकि अगर गंभीर मरीजों को जरूरत पड़े तो उन्हें बेड दिलाया जा सके।

प्लाज्मा थेरेपी की मदद से मौतों को कम होने की उम्मीद- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान न करे कि आपको कोरोना हो और अगर कोरोना हो भी जाए, तो इससे किसी की मौत नहीं होनी चाहिए। उसे रोकने के लिए हमने दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एक है प्लाज्मा थेरेपी। दिल्ली पहला राज्य है, जहां हमने प्लाज्मा थेरेपी को बड़े उत्साह के साथ शुरू किया। हमने एलएनजेपी अस्पताल में इसके परीक्षण किए। शुरू में 29 मरीजों के ऊपर इसका परीक्षण किया गया और इसके नतीजे बहुत अच्छे आए। प्लाजमा थेरेपी के उन नतीजों को हमने केंद्र सरकार को सौंपा। अब हमें 200 और मरीजों के ऊपर प्लाज्मा थेरेपी का परीक्षण करने की इजाजत मिली है। अब सरकारी अस्पताल में एलएनजेपी और राजीव गांधी अस्पताल में प्लाज्मा थेरेपी का परीक्षण करने की इजाजत मिली है। इसके बाद, कई निजी अस्पतालों ने भी प्लाज्मा थेरेपी का परीक्षण करने की इजाजत ले ली है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इसके नतीजे दिखाते हैं कि यदि कोई मॉडरेट मरीज है, कोई गंभीर मरीज है, जिसके कई अंग फेल हो चुके हैं। ऐसे मरीजों को शायद प्लाजमा थेरेपी से बचा पाना मुश्किल हो, लेकिन जिन लोगों की हालत अभी ज्यादा बिगड़ी नहीं है, यदि उनको प्लाज्मा थेरेपी दी जाए, तो उनकी हालत आगे और बिगड़ने से रोका जा सकता है। अभी तक के नतीजों ने ऐसा दिखाया है। हमें उम्मीद है कि प्लाज्मा थेरेपी के जरिए हम मौत की संख्या को कम करने में शायद सफल हो पाएं। एलएनजेपी के नतीजे दिखाते हैं कि जब से प्लाज्मा थेरेपी शुरू की गई है, वहां पहले जितनी मौतें होती थी, आज उसके मुकाबले करीब आधी ही हो रही हैं।

होम आइसोलेशन के मरीजों के लिए सुरक्षा कवच है ऑक्सी पल्स मीटर - अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना में मरीज में ऑक्सीजन का स्तर अचानक कम हो जाता है। एक आम आदमी में ऑक्सीजन का स्तर 95 होना चाहिए। अगर यह 90 से कम हो जाए, तो या खतरा माना जाता है। अगर यह कि 85 से कम हो जाए, तो बहुत गंभीर माना जाता है। अगर ऑक्सीजन लेवल 90 या 85 हो जाए, तो सांस लेने में तकलीफ होती है और बहुत ज्यादा सांस रूकती है और बहुत ज्यादा तकलीफ होती है। वहीं, इस बीमारी में कुछ मरीज ऐसे भी हैं जिनमें देखा गया कि ऑक्सीजन का लेवल बहुत नीचे चला गया, लेकिन उनमें कोई लक्षण ही नहीं है और अचानक उनकी मौत हो जाती है। इसी के मद्देनजर रखते हुए हमने एक फैसला लिया है कि जिन लोगों का घरों में इलाज चल रहा है वे होम आइसोलेशन में है, हल्के लक्षणों वाले हैं या बिना लक्षणों वाले हैं, जिनको कोरोना है, लेकिन कोई लक्षण नहीं है। ऐसे लगभग सभी मरीजों के घरों में हमने ऑक्सी मीटर पहुंचा दिया है। यह ऑक्सी पल्स मीटर आपका सुरक्षा कवच है। जिन लोगों का ऑक्सी मीटर मिला है, वे लोग कोशिश करके हर घंटे, 2 घंटे में अपना ऑक्सीजन स्तर मापते रहें। अगर आपका ऑक्सीजन स्तर 94 के नीचे आ जाए तो आप तुरंत हमें फोन कर दें, आपके घर पर आपातकाल में ऑक्सीजन पहुंचा दिया जाएगा और जरूरत पड़ेगी, तो आप को अस्पताल में भर्ती करा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने होम आइसोलेशन के मरीज से बात कर आँक्सी पल्स मीटर मिलने की जानकारी ली...

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना से पीड़ित मिस्टर कानन का इलाज घर पर चल रहा है। उनसे मैंने फोन पर बात कर पूछा कि आपको ऑक्सी पल्स मीटर मिल गया है, तो उन्होंने बताया कि मिल गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बातचीत करते हुए मिस्टर कानन ने बताया कि वे अब बिल्कुल ठीक हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें अभी कोरोना है, लेकिन अब वे बिल्कुल ठीक हैं। अभी कोई लक्षण नहीं है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कानन को बताया कि करोना में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन स्तर पर ध्यान रखना होता है। ऑक्सीजन सैचुरेशन स्तर 95 होना चाहिए। अगर यह 95 से नीचे आता है और 90 से नीचे चला जाता है, तो थोड़ा खतरनाक हो जाता है और 85 से नीचे चला जाए, तो और भी खतरनाक हो जाता है। ऑक्सीजन का स्तर नीचे जाने पर सांस लेने में दिक्कत होती है। यह बीमारी ऐसी है कि इसमें कभी-कभी पता नहीं चलता है, बीमारी के कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, फिर भी ऑक्सीजन लेवल नीचे चला जाता है। इसीलिए हमने सभी को ऑक्सी पल्स मीटर दिया है। श्री कानन ने बताया कि उनका ऑक्सीजन स्तर 97 से ऊपर है। उन्होंने बताया कि घर में माता-पिता और पत्नी के अलावा बच्चे हैं, लेकिन वे एक अलग कमरे में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उनसे अपील की कि घर के बुजुर्गों को संपर्क में आने से बचाइएगा, क्योंकि उन्हें इससे ज्यादा खतरा रहता है। आगे मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि दिल्ली सरकार से आपको गाइड करने के लिए फोन आते हैं। इस पर श्री कानन ने बताया कि उन्हें दिल्ली सरकार से रोज फोन आते हैं।

Have something to say? Post your comment
More National News
dehradun
uk
AAP की मजबूती और 2022 में सरकार बनाने के लिए दिन-रात एक कर देंगे - हरचन्द सिंह बरसट
सांसद संजय सिंह पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किए जाने पर cyss ने खोला यूपी योगी के खिलाफ मोर्चा
‘आप’ प्रदेश उपाध्यक्ष भानुप्रकाश ने स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल को लेकर मंत्री टीएस पर किया पलटवार
पटना में ‘आप’ ने आयोजित की मोहल्ला सभा, 2 सूत्री मांग पर कॉलोनी वासियों ने CM को भेजा प्रस्ताव
लोगों के सामूहिक प्रयासों से पिछले साल की तरह इस बार भी डेंगू को हराने में मदद मिलेगी: केजरीवाल
‘आप’ ने तीन अहम नियुक्तियों का किया ऐलान, बरसट, नीना मित्तल और सुखी को मिली नई जिम्मेवारियां
मोदी सरकार के हाथ में हैं शाही परिवार और बादलों की दुखती रग - हरपाल सिंह चीमा
किसानों के साथ कृषि बिल के नाम पर छलावा : ‘आप’