Tuesday, March 02, 2021
Follow us on
Download Mobile App
BREAKING NEWS
किसानों के लिए तीनों कृषि कानून डेथ वारंट, इनके लागू होने पर किसान मजदूर बनने को मजबूर होगा- अरविंद केजरीवालमहंगाई- पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगी आग, सरसों तेल भी दे रहा है कम्पटीशन: आपखिचड़ीपुर में दलित बच्ची की हत्या, पुलिस का ध्यान आम जनता की बजाए BJP नेताओं की सुरक्षा पर है - आतिशीदुनिया की नजरों में फिर चमका दिल्ली का ‘शिक्षा मॉडल’, आतिशी ने ‘हार्वर्ड इन्डिया कॉन्फ्रेंस’ को किया संबोधितदिल्ली में विकास की गति को बढ़ाना है, तो एमसीडी के उपचुनाव में AAP को वोट दें - गोपाल रायBJP के पूर्व प्रत्याशी संतलाल चावड़िया और एमसीडी श्रमिक संघ के अध्यक्ष जेपी टोंक AAP में शामिलबिहार पंचायत चुनावों में योग्य उम्मीदवारों का समर्थन करेगी ‘आप’ - गुलफिशा युसूफभाजपा राज में हिन्दू भी सुरक्षित नहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को रिंकू शर्मा हत्याकांड समेत अन्य घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए - सौरभ भारद्वाज
National

'एक राष्ट्र – एक बाजार' नीति की वास्तविकता आई सामने, सरकार की खुलने लगी परतें: रामपाल जाट

June 12, 2020 11:14 PM

जयपुर। जयपुर। आम आदमी पार्टी के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष एवं किसान नेता रामपाल जाट ने केंद्र सरकार को निशाना सादते हुए कहा कि बीजेपी सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना सहित किसानों को उनकी उपजों के दिलाने वाली मंडी सहित सभी संस्थाओं को समाप्त करने पर उतारू है, जिसका संकेत केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के वक्तव्य से प्रकट होता है। ये देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के नाम पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना से वंचित करना चाहते है। यह स्थिति तो तब है जब 2015 में शांता कुमार समिति के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य से लाभान्वित होने वाली संख्या मात्रा 6प्रतिशत है, यानि 94प्रतिशत किसान इस योजना से बाहर अपनी उपज खुले बाजार में बेचने को मजबूर है। फिर भी केन्द्रीय मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय दरों के मुकाबले न्यूनतम समर्थन मूल्यों को अधिक बताया है, और इससे देश में आर्थिक संकट उत्पन्न होने की बात कही है। रामपाल जी ने कहा कि सरकार को इस विषय पर श्वेत पत्र लाकर सत्यता जनता के सामने रखनी चाहिए, किन्तु सरकार गोल मोल वक्तव्य देकर किसानों को उनकी उपजों के “न्यूनतम मूल्य” भी नहीं देना चाहती।

रामपाल जाट ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि 2वर्ष पहले देश के दलहन उत्पादकों को सरकार उनका लागत मूल्य भी देने को तैयार नहीं थी, और मूंग की उपज ₹54 प्रति किलो में भी सरकार ने कुल उत्पादन में से 20% से कम खरीदी थी। सरकार ने उसी समय विदेशों से 1 किलों दाल का ₹104 चुकाकर आयात की। इस प्रकार सरकार विदेशों में तो दोगुने दाम देने को तैयार है, फिर यह राशि कहा जा रही है यह भी जांच का विषय है।

इसी प्रकार एक वर्ष पूर्व सरकार ने खाने के तेल के नाम पर अधिकांश मात्रा में पाम आयल मंगाने पर 75,000 करोड़ रुपये तथा दलों के आयत पर 28.3 हजार करोड़ रुपये खर्च किये थे। खास बात यह है कि पाम आयल स्वाद एवं गंधहीन पेड़ों का तरल पदार्थ है, जिसे खाने के तेल के नाम पर देश की जनता को परोसा जाता है। यह राशि खर्च करने पर देश में आर्थिक संकट उत्पन्न होने की सरकार चर्चा नहीं करती। इसी प्रकार वर्ष 2004-05 से 2014-15 तक कॉर्पोरेट जगत को सरकार ने 59 लाख करोड़ रुपये की छूट दी थी, तथा अभी भी भगोड़ों सहित अनेक बड़े पूजी वालों के लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के ऋणों को बट्टे खाते में डाला गया। तब भी सरकार को देश की जनता पर संकट का आभास नहीं हुआ।

इससे प्रतीत होता है कि सरकार देश के अन्नदाताओं को उनके पसीने के आधार पर उनका श्रम मूल्य भी देना नहीं चाहती जबकि संविधान ने श्रम मूल्य देने का उल्लेख है। देश में मेट्रो जैसे अनेक जनकल्याण के नाम पर घाटे में चलते है किन्तु सरकार वहां अर्थव्यवस्था के संकट का प्रश्न खड़ा नहीं करती। बल्कि सरकार एक राष्ट्र एक बाजार की आढ में किसानो के 22 उपजों के घोषित होने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्यों को बन्द करना चाहती है, इस वक्तव्य से एक राष्ट्र एक बाजार की वास्तविकता सामने आकर सरकार की परते खुलने लगी है।

Have something to say? Post your comment
More National News
किसानों के लिए तीनों कृषि कानून डेथ वारंट, इनके लागू होने पर किसान मजदूर बनने को मजबूर होगा- अरविंद केजरीवाल
महंगाई- पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगी आग, सरसों तेल भी दे रहा है कम्पटीशन: आप
खिचड़ीपुर में दलित बच्ची की हत्या, पुलिस का ध्यान आम जनता की बजाए BJP नेताओं की सुरक्षा पर है - आतिशी
युवाओं के रोजगार मुद्दे से पल्ला नहीं झाड़ सकती बिहार सरकार – गुलफिसा युसुफ
दुनिया की नजरों में फिर चमका दिल्ली का ‘शिक्षा मॉडल’, आतिशी ने ‘हार्वर्ड इन्डिया कॉन्फ्रेंस’ को किया संबोधित
कांग्रेस से दो बार निगम पार्षद रही अंजना पारचा समर्थकों समेत ‘आप’ में शामिल
दिल्ली में विकास की गति को बढ़ाना है, तो एमसीडी के उपचुनाव में AAP को वोट दें - गोपाल राय
भाजपा ने न सिर्फ एमसीडी को कंगाल किया, बल्कि देश की राजधानी को कूड़े का ढेर बना दिया- दुर्गेश पाठक केजरीवाल सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बनाएगी दीर्घकालीन कार्य योजना, सात सदस्यीय कमेटी गठित- गोपाल राय
बिहार मैट्रिक परीक्षा में पेपर लीक सरकार की विफलता और लापरवाह शिक्षा नीति का परिणाम - गुलफिशा