Thursday, September 24, 2020
Follow us on
Download Mobile App
BREAKING NEWS
किसान विरोधी बिल के खिलाफ 25 सितम्बर को ‘भारत बंद’ में शामिल रहेगी ‘सीवाईएसएस’मोदी सरकार जनता की गाढ़ी कमाई से अखबारों में अंग्रेजी में विज्ञापन देकर अपना चेहरा चमका रही: राघव चड्ढाकिसानों के साथ भद्दा मजाक व फरेबी शरारत है गेहूं के दाम में मामूली वृद्धि - हरपाल सिंह चीमाकिसान बिल के विरोध में आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने पटना में किया विरोध प्रदर्शनकिसान विरोधी बिल पास कर भाजपा का किसान हितैषी चेहरा हुआ नंगा : काका बराड़कृषि बिल पर केंद्र की मनमानी, किसानों के अस्तित्व को खतरा - ‘आप’लगातार बढ़ रहा AAP का कुनबा, विकासनगर के लक्ष्मीपुर क्षेत्र में ‘आप’ कार्यालय का शुभारम्भAAP की मजबूती और 2022 में सरकार बनाने के लिए दिन-रात एक कर देंगे - हरचन्द सिंह बरसट
National

तकनीक का इस्तेमाल कर चालकों के खाते में भेजे गए ₹5000 की सहायता राशि: कैलाश गहलोत

May 13, 2020 11:42 PM

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने लाॅकडाउन की वजह से आर्थिक तंगी से जूझ रहे 110093 पैरा ट्रांजिट वाहन के बैज धारक चालकों को 5-5हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान कर दी है। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ट्वीट कर बताया कि 110093 पैरा ट्रांजिट वाहन चालकों के लिए सरकार 55,04,65,000 रुपये की धनराशि जारी कर चुकी है। दिल्ली सरकार ने तकनीक की मदद से चालकों को घर बैठे उनके आधार लिंक खाते में 5-5हजार रुपये की सहायता राशि भेजी है। वहीं, पैरा ट्रांजिट वाहन के परमिट धारक, जिनके पास बैज नहीं है और योजना का लाभ नहीं प्राप्त किए हैं, दिल्ली में पंजीकृत ऐसे ई-रिक्शा मालिक भी सहायता राशि प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए दिल्ली सरकार ने वेबसाइट http://delhi.gov.in/ लांच कर दिया है। इस पर सहायता राशि प्राप्त करने के लिए लाइसेंस धारक मालिक आवेदन कर सकते हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में 4मई को कैबिनेट की बैठक हुई थी। इस बैठक में दिल्ली सरकार ने पब्लिक सर्विस व्हीकल (पीएसवी) के बैज धारकों को दी जा रही एकमुश्त सहायता राशि की योजना का विस्तार करते हुए पैरा ट्रांजिट वाहन के परमिट धारक चालकों की तरह दिल्ली में पंजीकृत ई-रिक्शा मालिकों व लाइसेंस धारियों को भी 5-5हजार रुपये की सहायता राशि देने की मंजूरी दी थी।

दिल्ली कैबिनेट ने 4मई को जिन पैरा ट्रांजिट वाहन के परमिट धारकों और दिल्ली में पंजीकृत ई-रिक्शा मालिकों को 5-5हजार रुपये की सहायता राशि देने की धोषणा की थी, उनका आवेदन प्राप्त करने के लिए परिवहन विभाग वेबसाइट बना कर टेस्टिंग कर कर रहा था। परविहन मंत्री कैलाश गहलोत ने 12मई को ट्वीट कर बताया था, ‘आज सुबह से साॅफ्टवेयर टेस्टिंग चल रही है। वाहन संघों को लिंक भी प्रदान किए गए हैं, ताकि वे अपनी प्रतिक्रिया दे सकें। आज शाम तक परीक्षण पूरा हो जाएगा। जैसा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी द्वारा निर्देशित है, परीक्षण के बाद आवेदक वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन दाखिल कर सकते हैं।’ वहीं, परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आज सुबह ट्वीट कर कहा, ‘मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि वेबसाइट टेस्टिंग का काम पूरा हो चुका है। अब सभी ई-रिक्शा मालिक और पैरा ट्रांजिट वाहन के परमिट धारक अपना आवेदन वेबसाइट http://delhi.gov.in/ पर दाखिल कर सकते हैं।

पीएसवी चालकों का डीएल व आधार का मिलान कराने के लिए ली गई तकनीक की मदद - कैलाश गहलोत

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से पब्लिक सर्विस व्हीकल के वाहन चालकों को कहीं जाने पर प्रतिबंध हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे इन वाहन चालकों को सहायता राशि देने के लिए आफिस नहीं बुलाया गया, बल्कि सभी को घर बैठे ही तकनीक का इस्तेमाल कर आधार लिंक खाते में सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि जब सरकार ने चालकों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का फैसला किया, उस दौरान चालकों का सरकार के पास बैंक खाता नहीं था। चालकों का खाता प्राप्त करने के लिए एक वेबसाइट बनाई गई। जिस पर चालकों ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस की मदद से आवेदन किया। इस दौरान यह समस्या आई कि कई चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस पर दर्ज नाम को आधार कार्ड से मिलान किया गया, तो नाम अलग-अलग पाया गया। इसके बाद एक और वेबसाइट लाया गया। इस पर चालकों से आधार कार्ड में दर्ज अपना और अपने पिता के नाम को भर कर जमा करने के लिए कहा गया। इस वेबसाइट पर प्राप्त डेटा की जांच की गई और जिनके नाम का मिलान हो गया। उनके ड्राइविंग लाइसेंस में आधार कार्ड के मुताबिक नाम ड्राइविंग लाइसेंस में बदल दिया गया। फिर आधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में दिल्ली सरकार ने पैसे भेज दिए। इस पूरी प्रक्रिया के लिए चालकों को घर से निकलने की जरूरत तक नहीं पड़ी। घर बैठे इसे परिवहन विभाग ने संपादित कराया।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि 2010 के बाद से किसी का पीएसवी बैज आँनलाईन अपडेट नहीं था। 2010 के बाद से पब्लिक सर्विस व्हीकल वाहन चालकों का डेटा सारथी साॅफ्टवेयर पर है, लेकिन 2010 से पहले पीएसवी चालकों का डेटा सारथी सॉफ्टवेयर में नहीं है। ऐसे एक लाख से अधिक पैरा ट्रांजिट वाहन के बैज धारक चालक थे, इनके लिए एक अलग वेबसाइट बनाया गया। जिस पर आधार, ड्राईविंग लाईसेंस और पीएसवी के आधार पर आवेदन करा सारा डाटा ऑनलाईन किया गया, जिसके बाद इनके खाते पर पैसा जाने का रास्ता साफ हुआ।

परिवहन मंत्री ने सोशल मीडिया पर हजारों चालकों से की बात...

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि चालकों को सहायता राशि का लाभ दिलाने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया गया। कई चालकों को आवेदन करने और आधार कार्ड लिंक कराने में दिक्कत आ रही थी। इसलिए उन्होंने चालकों को समझाने के लिए तीन बार सोशल मीडिया पर ऑनलाईन बात की। इस दौरान चालकों से प्राप्त शिकायतों को सुना गया और उसे निस्तारित किया गया। चालकों को बताए कि वे किस तरह त्रुटियों को दुरूस्त कराते हुए आवेदन भरें। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने बात की। इसी दौरान यह कई चालकों से शिकायत आई कि वे दिल्ली परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं और वे वाहन मालिक हैं, लेकिन उनके पास पीएसवी बैज नहीं है। इसलिए उन्हें सहायता राशि नहीं मिल पा रही है। इसके बाद मौजूदा योजना का विस्तार करते हुए फैसला लिया गया गया कि ई-रिक्शा मालिकों और पैरा ट्रांजिट वाहन के परमिट धारकों को भी सहायता राशि दी जाएगी। अब इन ई-रिक्शा चालकों और पैरा ट्रांजिट वाहन के परमिट धारकों को लाभ देने के लिए भी वही प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पहले उनका ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड के नाम को सही किया जाएगा और इसके बाद सभी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सहायता राशि दी जाएगी।

Have something to say? Post your comment
More National News
किसान विरोधी बिल के खिलाफ 25 सितम्बर को ‘भारत बंद’ में शामिल रहेगी ‘सीवाईएसएस’
मोदी सरकार जनता की गाढ़ी कमाई से अखबारों में अंग्रेजी में विज्ञापन देकर अपना चेहरा चमका रही: राघव चड्ढा
किसानों के साथ भद्दा मजाक व फरेबी शरारत है गेहूं के दाम में मामूली वृद्धि - हरपाल सिंह चीमा
किसान बिल के विरोध में आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने पटना में किया विरोध प्रदर्शन
किसान विरोधी बिल पास कर भाजपा का किसान हितैषी चेहरा हुआ नंगा : काका बराड़
कृषि बिल पर केंद्र की मनमानी, किसानों के अस्तित्व को खतरा - ‘आप’
लगातार बढ़ रहा AAP का कुनबा, विकासनगर के लक्ष्मीपुर क्षेत्र में ‘आप’ कार्यालय का शुभारम्भ
AAP की मजबूती और 2022 में सरकार बनाने के लिए दिन-रात एक कर देंगे - हरचन्द सिंह बरसट
सांसद संजय सिंह पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किए जाने पर cyss ने खोला यूपी योगी के खिलाफ मोर्चा
‘आप’ प्रदेश उपाध्यक्ष भानुप्रकाश ने स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल को लेकर मंत्री टीएस पर किया पलटवार