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नैतिकता खो चुकी बिहार सरकार, सूबे की जनता से माफी मांगे: आप

May 09, 2020 11:38 PM

पटना(बिहार): आम आदमी पार्टी बिहार के प्रदेश अध्यक्ष सुशील सिंह ने प्रदेश सरकार के मंत्री संजय झा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि ये सच है कि दिल्ली सरकार ने बिहार सरकार को पत्र लिखा था, जिसका बिहार सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया। सुशील ने कहा कि ये भी सच है कि दिल्ली सरकार ने अपने पैसे से बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए 1200 प्रवासी मजदूरों के ट्रेन का भाड़ा दिया है, क्योंकि रेलवे यात्रा से पूर्व भुगतान मांगती है। दिल्ली सरकार ने 642000 रूपये का भुगतान 7मई को रेल मंत्रालय को कर चुकी है। दिल्ली सरकार ने बिहार आने वाले मजदूरों से रेल भाड़ा नहीं लिया है, यहीं नहीं उन्होने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने बिहार समेत संबंधित अन्य राज्य सरकारों को भी चिट्ठी लिखी थी, लेकिन किसी भी सरकार ने भाड़े को लेकर कोई जानकारी नहीं दी, और न ही दिल्ली सरकार के चिट्ठी का कोई जवाब दिया।

सुशील ने कहा कि संकट के इस घड़ी में बिहार सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है। जदयू के नेता-मंत्री सिर्फ ट्विटर पर चीं-चीं-चीं करते है, उनके पास कोविड-19 जैसी महामारी से निपटने के लिए कोई योजना नहीं है।

बिहार सरकार के मंत्री संजय झा कहते है कि, बिहार पहले से तय कर रखा है कि दूसरे राज्यों से आने वालों मजदूरों को पहले दो हफ्ते क्वारंटाइन सेंटर में 14दिनों का वनवास करना होगा, उसके बाद हमारी सरकार, प्रवासी मजदूरों को रेल का भाड़ा और 500 रुपया देकर सुशोभित करेगी। बिहार सरकार का ये फैसला गरीब विरोधी है। उनके सम्मान के साथ मजाक है, उन्हें शर्म आनी चाहिए और सूबे की सरकार को जो लॉकडाउन में रोजी रोजगार खो चुके प्रवासी मजदूरों से रेल भाड़ा देकर यात्रा करने को कह रही है। ऐसे लोग भाड़ा के लिए पैसा कहां से लाएंगे? सूबे में चल रहे क्वारंटाइन सेंटर भी भगवान भरोसे है, यानि पूरी व्यवस्था बदहाल है, जिससे मजदूर सेंटर छोड़कर भागने को मजबूर हैं।

सुशील ने बताया कि प्रवासी मजदूर की बात तो छोड़िए, बिहार में रहकर रोजी-रोटी कमाने वाले किसान-दिहाड़ी मजदुर, ऑटो चालक, रिक्शा-ठेला चालको एवं अन्य को बिहार सरकार ने अभी फूटी कौड़ी तक नहीं दिया। गरीब जरूरतमंद लोग भूख और पैसे के आर्थिक तंगी से परेशान हैं। बिहार सरकार, अपनी नैतिकता खो चुकी है, सूबे की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

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