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किसान की खुशहाली के बिना आजादी अधूरी है - रामपाल जाट

March 18, 2020 12:57 AM

आम आदमी पार्टी राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि किसान की खुशहाली के बिना आजादी अधूरी है, राजस्थान में देश के 47%से अधिक सरसों का उत्पादन है।
उत्पादक सरसों उत्पादन क्षेत्र प्रमुख जिले भरतपुर में सरसों की उपज में हुए घाटे के कारण एक सप्ताह में 6 किसानों की असामायिक मृत्यु सरकारों की किसान विरोधी नीतियों का परिणाम है।
स्वतंत्रता के बाद 72 वर्षों के उपरांत भी प्राकृतिक आपदाओं से कृषि उपजों में होने वाले घाटे की भरपाई करने से है प्रति सरकार गंभीर नहीं है।
दूसरी ओर किसानों को अपनी सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य से 1000/- :0 से अधिक प्रति क्विंटल का घाटा उठा कर बेचनी पड़ी, जबकि न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण संपूर्ण लागत से सदा ही कम होता है ।
यह स्थिति तो तब है, जब सरकारें न्यूनतम समर्थन मूल्य को गारंटीड मूल्य बताते थकती नहीं है आश्चर्य है कि 10 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री कार्यालय से गठित विभिन्न दलों के चार मुख्यमंत्रीयो की अनुशंसा को अभी तक स्वीकार कर प्रति हेक्टेयर 25000/- :0 सहायता का प्रावधान नहीं किया गया है।
देश में दिल्ली राज्य अपवाद है जिसमें प्रति हेक्टेयर 50000/- :0 सहायता का प्रावधान कर प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित किसानों से सहायता प्रदान की।
न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण लागत से डेढ़ गुना करने की बजट की घोषणा भी अभी तक धूल चाट रही है। इसी दिशामे भी दिल्ली राज्य ने गेहूं तथा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य के डेढ़ गुना निर्धारण कर उसकी खरीद के लिए बजटीय प्रावधान भी किया ।
डॉ. एम एस स्वामीनाथन आयोग की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय किसान आयोग की अनुशंसा के अनुसार किसानों की आय को सिविल कर्मचारियो से तुलना योग्य बनाने के लिए 14 वर्षों की अवधि में कोई सार्थक कार्यवाही किसी भी सरकार द्वारा नहीं की गई। जब तब किसान का पसीना उसके घर में खुशहाली नहीं लाएगा तब तक कृषि प्रधान देश में खुशहाली दिवा स्वप्न ही बनी रहेगी ।
किसानों की खुशहाली के बिना देश की आजादी अधूरी ही रहेगी।

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