Saturday, July 11, 2020
Follow us on
Download Mobile App
BREAKING NEWS
बिना मापदंड के लाखों उपभोक्ताओं के राशन कार्ड काटना गलत, AAP ने सौंपा मांग पत्र - मनजीत सिंह बिलासपुरकुवैत में 8लाख भारतीय कामगारों का रोजगार बचाने के लिए दखलअन्दाजी करें प्रधानमंत्री: भगवंत मानकोरोना काल में आर्थिक बदहाल प्राइवेट शिक्षकों को आर्थिक सहायता मुहैया कराए, बिहार सरकार: AAPदूरस्थ शिक्षा-शिक्षण गतिविधियां शुरू होने पर छात्र-अभिभावकों से मिली उत्साह भरी प्रतिक्रियाबिहार: आम आदमी पार्टी ने किया युवा प्रकोष्ठ का विस्तारदिल्ली विश्वविद्यालय में 'ओपन बुक एग्जाम - OBE' के विरुद्ध CYSS ने किया MHRD पर विरोध प्रदर्शनअगर सीधी भर्ती ही करनी है, तो क्यों बांधे पीपीएससी व एसएसएस बोर्ड जैसे ‘सफेद हाथी’ - प्रिंसीपल बुद्ध राम‘आप’ नेताओं ने पटना में बांटा मास्क और साबुन
Revolutionary Poems

रंग दुनिया ने दिखाया है निराला / कुमार विश्वास

November 12, 2014 09:51 PM

रंग दुनिया ने दिखाया है निराला, देखूँ,
है अँधेरे में उजाला, तो उजाला देखूँ
आइना रख दे मेरे हाथ में,आख़िर मैं भी,
कैसा लगता है तेरा चाहने वाला देखूँ
जिसके आँगन से खुले थे मेरे सारे रस्ते,
उस हवेली पे भला कैसे मैं ताला देखूँ

हर एक नदिया के होंठों पे समंदर का तराना है,
यहाँ फरहाद के आगे सदा कोई बहाना है
वही बातें पुरानी थीं, वही किस्सा पुराना है,
तुम्हारे और मेरे बीच में फिर से ज़माना है

भ्रमर कोई कुमुदनी पे मचल बैठा तो हंगामा ,
हमारे दिल में कोई ख़्वाब पल बैठा तो हंगामा
अभी तक डूब के सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का ,
मैं किस्से को हक़ीकत में बदल बैठा तो हंगामा -

बहुत बिखरा, बहुत टूटा, थपेडे़ सह नही पाया ,
हवाओं के इशारों पे मगर मैं बह नहीं पाया
अधूरा अनसुना ही रह गया यूँ प्यार का किस्सा ,
कभी तुम सुन नही पाए, कभी मैं कह नही पाया

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है ,
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है ,
ये तेरा दिल समझता है, या मेरा दिल समझता है

Have something to say? Post your comment