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कैप्टन सरकार ने आम घरों के बच्चों के डॉक्टर बनने पर लगाई पाबंदी, मंत्री ओपी सोनी की कोठी का घेराव करेंगे

June 02, 2020 11:38 AM

चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस में 70 से 80 प्रतिश्त वृद्धि कर असिद्धे तरीके से आम घरों के बच्चों के डॉक्टर बनने पर ही पाबंदी लगा दी है, क्योंकि आम घरों के बच्चे इतनी मोटी फीस अदा नहीं कर सकते। चंडीगढ़ में मीडिया वार्ता करते हुए बरनाला से विधायक मीत हेयर, पंजाब के महासचिव दिनेश चड्ढा और पंजाब के यूथ प्रधान मनजिन्दर सिंह सिद्धू ने कहा कि बहुत ही हैरानी की बात है कि बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर यह बयान दे रहे हैं कि जब प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई के लिए माता-पिता लाखों रुपए खर्च करते हैं तो डॉक्टर बनने के लिए भी अदा कर सकते हैं। जिसका मतलब यह है कि अब प्राइवेट स्कूलों में मोटी फीस अदा करने वालों को ही सरकार डॉक्टर बनाएगी। दूसरी तरफ सरकारी और छोटे स्कूलों में पढऩे वाले गरीब, दलित और मध्य वर्गीय घरों के बच्चों को डॉक्टर बनने का मौका भी नहीं दे रही, बेशक वह कितने भी होशियार और होनहार क्यों न हों।

उन्होंने कहा कि 2010 में सरकारी कालेजों की एमबीबीएस की फीस 13000 रुपए वार्षिक थी, जो 10 साल बाद आज 12 गुणा बडाकर 1.56लाख रुपए वार्षिक कर दी है, जबकि इन वर्षों में डॉक्टरों के वेतन और स्टाईफन में न-मात्र विस्तार किया गया। ‘‘फीसें बढ़ाए बिना कालेज नहीं चल सकते और फीसें बढ़ाने का मकसद मैडीकल कालेजों के डाक्टरों को बढिय़ा सहूलतें देना है।’’, सरकार के इस तर्क को पूर्ण तौर पर खारिज करते हुए मीत हेयर ने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के मेडिकल कॉलेज बहुत ही कम फीस के साथ चला सकते हैं, तो पंजाब क्यों नहीं। मीत हेयर ने कहा कि सरकार स्कूलों, कालेजों और मेडिकल कॉलेजों की फीस बढ़ोतरी करके खजाने नहीं भर सकती। खजाने को भरने के लिए सरकार को शराब माफिया, रेत माफिया और ट्रांसपोर्ट माफिया समेत सभी तरह के माफीए को नकेल कसनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के कारण बेशक इकट्ठा करने से गुरेज करना चाहिए, परंतु कोरोना वायरस की आड़ में सरकार की ओर से लिए जा रहे लोक विरोधी फैसलों को नजर अन्दाज नहीं किया जा सकता। इसलिए आम आदमी पार्टी की यूथ विंग ने पंजाब के आम घरों के होनहार विद्यार्थियों के हक में 3 जून को अमृतसर में मंत्री ओपी सोनी की कोठी का घेराव करने का फैसला लिया है।

विधायक मीत हेयर और महासचिव दिनेश चढ्ढा ने बताया कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीसों में बढ़ोतरी एक बड़ा घपला, कल 3जून को मंत्री ओपी सोनी की कोठी का करेंगे घेराव

प्रैस कान्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाते एडवोकेट दिनेश चड्ढा ने कहा कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की फीसों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर बड़ा घपला है। चड्ढा ने कागज पेश करते खुलासा किया कि उनकी ओर से दायर की गई जनहित पिटीशन माननीय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांटस कमीशन को पंजाब के गैर सरकारी कालेजों के वित्तीय खाते जांच करने के लिए कहा था। यूजीसी ने अपने 3 सदस्यता समिति से करवाई जांच में पंजाब के गैर सरकारी कॉलेजों में बड़ी वित्तीय बेनियमियां पाई गई थे। पंजाब के गैर सरकारी कॉलेज ट्रस्टों के खातों से मर्सिडीज जैसी शाही गाड़ियां खरीद कर, ट्रस्टों के खातों से सम्पतियां खरीदी गई, अपने परिवारिक सदस्यों को 25-25 लाख का वेतन दिया गया, और अपने मन-मर्जी के खर्चे लिखने के बावजूद भी वार्षिक 9 करोड़ रुपए तक सरप्लस थे। जिस उपरांत यूजीसी ने 2014 में पंजाब सरकार को बनती कार्यवाही करने के लिए कहा था, परंतु बार-बार पैरवी करने पर भी न तो पिछली सरकार ने और न ही कांग्रेस ने इस सम्बन्धित कोई कार्यवाही की। बल्कि इस यूजीसी की हिदायत को अनदेखा करके प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को फीसें बढ़ाने की इजाजत दे दी, जो कि सीधे तौर पर पंजाब के लोगों के साथ ठगी है।

मीत हेयर समेत ‘आप’ नेताओं ने मांग की है कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार से लेकर अब तक सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की ओर से एमबीबीएस, एमएस/एमडी, डेंटल और नर्सिंग कॉलेजों की तरफ से वसूली गई फीसों की जांच पड़ताल के लिए हाईकोर्ट की निगरानी में न्यायिक आयोग गठित किया जाए। आदेश यूनिवर्सिटी समेत जितने भी कॉलेजों की तरफ से माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की उल्लंघना करके प्रति विद्यार्थी करोड़ों रुपए की फालतू फीसें वसूला गई हैं, वह ब्याज समेत विद्यार्थियों को वापस करवाई जाएं।

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