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मोदी सरकार के घातक बिजली संशोधन बिल-2020 के विरुद्ध विधानसभा का विशेष सत्र बुलाऐ पंजाब: हरपाल सिंह चीमा

May 21, 2020 10:56 PM

चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी(आप) पंजाब ने केंद्र सरकार की तरफ से लाए जा रहे बिजली संशोधन बिल-2020 को पंजाब और पंजाबियों के हकों पर सरेआम डाका करार देते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि इस घातक बिल के विरोध में प्रस्ताव पास करने के लिए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए, क्योंकि इस बिल के खरड़े के बारे टिप्पणी करने के लिए पंजाब के पास आगामी 5जून तक की ही मोहलत है।

पार्टी हेडक्वार्टर से जारी बयान के द्वारा विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा और उप नेता बीबी सरबजीत कौर माणूंके ने कहा कि संवैधानिक तौर पर संघी ढांचे के अनुसार बिजली के क्षेत्र को समवर्ती सूची(कंटरैंट लिस्ट) में रखा हुआ है, जिसके अंतर्गत बिजली से सम्बन्धित राज्य और केंद्र दोनों सरकारें कानून बना सकतीं है, परंतु यदि मोदी सरकार की तरफ से बिजली के क्षेत्र में कॉर्पोरेट घरानों का एका-अधिकार स्थापित करने के गलत मंसूबों के साथ लाया जा रहा यह बिजली संशोधन बिल-2020 नए कानून के तौर पर आ गया तो पंजाब के हाथ कुछ भी नहीं बचेगा। बिजली के बारे तमाम छोटे बड़े फैसले केंद्र सरकार के हाथों में चले जाएंगे। राज्य का 80-85प्रतिश्त बिजली उत्पादन प्राईवेट और नैशनल थर्मल पावर-निगम के पास जा चुका है।

घातक बिजली समझौतों के कारण पहले ही महंगी बिजली की सजा भुगत रहे हैं पंजाबवासी, प्रस्तावित बिजली संशोधन बिल पंजाब और पंजाबियों के हकों पर डाका - बीबी सरबजीत कौर माणूंके

हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि ईसीई एक ही एक पावर होगी, जो बिजली की बेच, खरीद और वितरित सम्बन्धित होने वाले इकरारनामें पर फैसले सिविल अदालतों की शक्तियों सहित सुनाएगी। अर्थात यह अथॉरिटी बिजली समझौतों की विशेष अदालत होगी। चीमा मुताबिक बड़े कॉर्पोरेट घराने इस अथॉरिटी के द्वारा लोक विरोधी और राज्य विरोधी फैसले जबरन लागू करवाएंगे, राज्य सरकार के पास किसी फैसले पर फिर विचार करने की मांग का भी अधिकार नहीं होगा।

बीबी सरबजीत कौर माणूंके ने कहा कि बिजली संशोधन बिल-2020 के खरड़े के बारे माहिरों ने भी चिंता और चेतावनी से भरीं टिप्पणियां की हैं। चीमा ने कहा कि मोदी सरकार का बिजली संशोधन बिल-2020 हर अमीर-गरीब खप्तकार की जेब समेत राज्यों के अधिकारों पर सीधा डाका है। इतना ही नहीं इस बिल के द्वारा स्थापित की जा रही बिजली इकरारनामा अथॉरिटी को जिस तरीके अंधे और एकतरफा कानूनी अधिकार दिए जा रहे हैं, वह भारतीय न्यायपालिका को मिली कानूनन शक्तियों पर भी डाका हैं।

बीबी माणूंके ने कहा कि इस बिजली संशोधन बिल-2020 के द्वारा गरीबों, दलितों और किसानों को बिजली पर मिलती सब्सिडी पर भी तलवार लटकेगी। पिछली बादल सरकार की तरफ से सरकारी थर्मल पलांट बंद करके प्राईवेट थर्मल प्लांटों के साथ किए बेहद महंगे और एकतरफा समझौतों की पंजाब के लोग भारी कीमत चुका रहे हैं। इसलिए राज्य सरकार बिजली संशोधन बिल-2020 के विरुद्ध एसैंबली में प्रस्ताव पास करने के साथ-साथ पिछली बादल सरकार की तरफ से प्राइवेट थर्मलों के साथ किए घातक इकरारनामे भी रद्द करने के लिए विशेष सत्र तुरंत बुलाऐ।

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