Tuesday, June 02, 2020
Follow us on
Download Mobile App
BREAKING NEWS
मनीष सिसोदिया ने ऑनलाइन और एसएमएस/आईवीआर आधारित शिक्षा की समीक्षा कीदिल्ली को 5000 करोड़ की मदद करे केंद्र सरकार, ताकि सैलरी का भुगतान हो सके: उपमुख्यमंत्रीसिंघी मछली और बगेरी के शौकीन है शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, के नाम BJPअध्यक्ष बसूलता है रुपया: आपब्याज समेत भुगतान किया जाए, किसानों के गन्ने की अरबों रुपए की बकाया राशि: हरपाल सिंह चीमाकोरोना के मरीज बढ़ रहे, यह चिंता का विषय, लेकिन अभी घबराने जैसी कोई बात नहीं: अरविंद केजरीवालहोम आइसोलेशन में ठीक हुए मरीजों ने कहा, अभिभावक की तरह ख्याल रखती है दिल्ली सरकारकोरोना से डरें नहीं, खुद को बचाना जरूरी: मनीष सिसोदियापंजाब में कृषि क्षेत्र के ट्यूबवेलों पर बिल लागू करने की योजना का ‘आप’ ने किया सख्त विरोध
National

केजरीवाल सरकार ने रेलवे से 262 ट्रेनें मांगी, लाखों प्रवासी मजदूर लौटना चाहते है अपने गांव

May 20, 2020 11:07 PM

आप की क्रांति ब्यूरो। दिल्ली में रह रहे करीब 4लाख प्रवासी कोरोना के इस दौर में अपनों को याद कर रहे हैं, कोई अपनी मां के आंचल में सिर रख कर सोना चाहता है तो कोई अपने बच्चों को मिलने के लिए बेताब है। फरवरी में विवाह के बंधन में बंधे सुनील की नवविवाहिता पत्नी उनकी बाट जोह रही है। अपने अपने प्रदेश जाने के लिए अब तक दिल्ली सरकार की ऑनलाइन पंजीकरण सेवा के तहत सुनील, अनिल व अफताब जैसे 4लाख लोगों ने पंजीकरण करवाया है। घर जाने वाले प्रवासियों में मुख्य रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। बिहार के रहने वाले करीब 2लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है, जबकि उत्तर प्रदेश के रहने वाले 1.84लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्यप्रदेश के रहने वाले लोगों ने पंजीकरण कराया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रेलवे को पत्र लिखकर अगले चार दिनों में 262 ट्रेनों की मांग की है, ताकि सभी लोगों को उनके मूल प्रदेश भेजा जा सके। वहीं, आज दिल्ली सरकार ने पंजीकृत करीब 37,500 प्रवासी मजदूरों को 25ट्रेनों की मदद से अपने मूल प्रदेश के लिए भेजा है।

दिल्ली से 4लाख लौटना चाहते हैं अपने गांव

लाॅकडाउन की वजह से विभिन्न प्रदेशों के रहने वाले लाखों की संख्या में प्रवासी लोग दिल्ली में फंसे हुए हैं। लाॅकडाउन के चलते सभी का रोजगार चला गया है और वे बेरोजगार घर पर बैठे हैं। बेरोजगारी की वजह से वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। लिहाजा वे अपने मूल प्रदेश जाना चाहते हैं। दिल्ली सरकार ने कुछ दिन पहले अपने मूल प्रदेश जाने को इच्छुक प्रवासी मजदूरों को ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए कहा था। इसके लिए दिल्ली सरकार ने https://epass-jantasamvad-org/train/passenger/ लिंक जारी किया है। 19मई तक इस वेबपोर्टल पर करीब 4लाख लोगों ने पंजीकरण किया है। जिसमें सबसे अधिक बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, बिहार के रहने वाले करीब 195746 लोगों ने घर जाने के लिए पंजीकरण किया है। इसमें बिहार के दरभंगा जाने के लिए सबसे अधिक 14836, मधुबनी जाने के लिए 14355, सीतामढ़ी जाने के लिए 11156, मुजफ्फरपुर जाने के लिए 11707 और कटिहार जाने के लिए 10247 लोगों ने पंजीकरण किया है। बिहार के अन्य सभी जिलों से भी लोगों ने घर जाने के लिए पंजीकरण किया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश के रहने वाले करीब 184997 लोगों ने पंजीकरण किया है। इसमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जाने के लिए 14914, गोरखपुर जाने के लिए 13279, जौनपुर जाने के लिए 11554, अंबेडकरनगर जाने के लिए 8103 और बस्ती जिला जाने के लिए 7770 लोगों ने पंजीकरण किया है। यूपी के अन्य जिलों से भी इसी तरह लोगों ने पंजीकरण कर घर जाने की इच्छा जताई है। इसी तरह छत्तीसगढ़ जाने के लिए करीब 3200, झारखंड जाने के लिए करीब 6135 और मध्यप्रदेश जाने के लिए 5132 लोगों ने पंजीकरण कराया है।

कभी भी बेसहारा नहीं छोड़ेंगे प्रवासी श्रमिकों को: केजरीवाल

बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उनकी सरकार कोविड-19 के लाॅकडाउन में फंसे प्रवासी श्रमिकों को कभी बेसहारा नहीं छोड़ेगी। दिल्ली में रहने वाले प्रवासी मजदूरों की जिम्मेदारी हमारी है। अगर वे यहां रहना चाहते हैं, तो हम उनका पूरा ध्यान रखेंगे। यदि वे अपने घर वापस जाना चाहते हैं, तो हम उनके लिए ट्रेनों की व्यवस्था करेंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया है कि किसी प्रवासी मजदूरों को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। उनके लिए जितनी जरूरत होगी, उतनी ट्रेन का इंतजाम किया जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि वे सड़क और रेलवे पटरियों पर न चलें। अधिकारियों को ऐसे लोगों को रैन बसेरों में ले जाने और उन्हें भोजन, पानी आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

वहीं, उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि ट्रेनों में जाने के लिए पहले पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के लिए लिंक https://epass-jantasamvad-org/train/passenger दिया गया है। बिना पंजीकरण के किसी भी यात्री को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली में फंसे प्रवासियों की आवाजाही की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर रही है। यह इंतजाम भारतीय रेल के साथ-साथ बसों द्वारा संबंधित राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करके किया जा रहा है। दिल्ली सरकार प्रतिबद्ध है कि दिल्ली में फंसे प्रत्येक प्रवासी अपने घर जल्द से जल्द पहुंच जाए। दिल्ली में फंसे सभी प्रवासी, जो श्रमिक विशेष ट्रेनों व बसों के माध्यम से प्रस्थान करना चाहते हैं, वे लिंक https://epass-jantasamvad-org/train/passenger/ पर आवेदन कर सकते है। पंजीकरण के बाद उन्हें संबंधित ट्रेनों व बसों के प्रस्थान और समय के बारे में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाएगा।

 
Have something to say? Post your comment
More National News
दिल्ली बॉर्डर एक सप्ताह के लिए सील, आगे का फैसला जनता के सुझाव के आधार पर होगा - अरविंद केजरीवाल
मनीष सिसोदिया ने ऑनलाइन और एसएमएस/आईवीआर आधारित शिक्षा की समीक्षा की
दिल्ली को 5000 करोड़ की मदद करे केंद्र सरकार, ताकि सैलरी का भुगतान हो सके: उपमुख्यमंत्री
सिंघी मछली और बगेरी के शौकीन है शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, के नाम BJPअध्यक्ष बसूलता है रुपया: आप
ब्याज समेत भुगतान किया जाए, किसानों के गन्ने की अरबों रुपए की बकाया राशि: हरपाल सिंह चीमा
कोरोना के मरीज बढ़ रहे, यह चिंता का विषय, लेकिन अभी घबराने जैसी कोई बात नहीं: अरविंद केजरीवाल
होम आइसोलेशन में ठीक हुए मरीजों ने कहा, अभिभावक की तरह ख्याल रखती है दिल्ली सरकार
कोरोना से डरें नहीं, खुद को बचाना जरूरी: मनीष सिसोदिया
पंजाब में कृषि क्षेत्र के ट्यूबवेलों पर बिल लागू करने की योजना का ‘आप’ ने किया सख्त विरोध
ट्रेनों में मौत के जिम्मेदारों पर एफआईआर एवं रेल मंत्री से इस्तीफे की मांग को लेकर AAP का विरोध प्रदर्शन