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आम आदमी पार्टी के दक्षिणी दिल्ली लोकसभा उम्मीदवार राघव चड्ढा ने हाइ कोर्ट में भाजपा के प्रत्याशी रमेश बिधूड़ी के नामांकन एफिडेविट में ख़ामियों के ख़िलाफ़ रिट दाख़िल करवाया।

April 27, 2019 08:58 PM

नई दिल्ली, शनिवार को उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा, कि कुछ समय पहले भाजपा के सांसद रमेश बिदूड़ी ने अपनी ही पार्टी के पूर्वांचल नेता को पीटा था, जिसके सबूत में वीडियो भी सोशल मीडिया पर मिल सकते हैं। इस घटना में भाजपा कि पूर्वांचल विरोधी विचारधारा सामने आयी थी। इस हादसे में रमेश बिधूड़ी के ख़िलाफ़ FIR भी दर्ज हुई थी। रमेश बिधुड़ी ने इसे FIR का ज़िक्र अपनी एफिडेविट में नहीं किया।

रमेश बिदूड़ी ने इस डर से कि इस FIR की वजह से भाजपा का पूर्वांचल विरोधी चेहरा सामने आ जाएगा, जानबूझ कर अपने एफिडेविट में उस घटना से जुड़ी FIR का ज़िक्र नहीं किया।

आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग में रमेश बिदूड़ी के नामांकन के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई। मनीष सिसोदिया ने कहा कि FIR जैसी जानकारी छिपाना, चुनाव अधिनियमों के अनुसार अपराध है, और उनका नामांकन वहीं रद्द हो जाना चाहिए था। जो व्यक्ति नामांकन पत्र में सही जानकारी नही दे रहा, वह अपने व्यापार में क्या क्या छिपाता होगा।  

चुनाव नियमों के तहत यह कानूनन अपराध है, और इस प्रकार के अपराध के लिए 1 साल तक कि सजा का प्रावधान है। 

आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग में रमेश बिदूड़ी के नामांकन के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई। मनीष सिसोदिया ने कहा कि FIR जैसी जानकारी छिपाना, चुनाव अधिनियमों के अनुसार अपराध है, और उनका नामांकन वहीं रद्द हो जाना चाहिए था। जो व्यक्ति नामांकन पत्र में सही जानकारी नही दे रहा, वह अपने व्यापार में क्या क्या छिपाता होगा। 

तमाम आपत्तियों के बावजूद चुनाव आयोग ने उनका नामांकन ख़ारिज नहीं किया। भाजपा सांसद रमेश विधूड़ी ने यह दलील दी कि FIR उनकी जानकारी में नहीं थी। 12 दिसंबर 2018 की FIR की ख़बर अख़बारों में छपी थी। उनका जो फ़ेसबुक पेज है जिसकी जानकारी, उन्होंने अपने एफिडेविट में भी दी है, उस पर भी ये ख़बर डाली हुई है। जब मानहानि के मुक़दमे में कोर्ट  में सुनवाई चल रही थीं, तब उनके संज्ञान में ये FIR वक़ील द्वारा लाई गई थी। इतने सारे साक्ष्य के बावजूद वे कह रहे हैं, कि यह FIR उनके संज्ञान में नहीं थी। क्योंकि इस FIR से भाजपा का पूर्वांचल विरोधी चेहरा बेनक़ाब हो रहा था, इसलिए उन्होंने अपनी एफिडेविट में यह FIR की जानकारी नही दी, और फिर चुनाव आयोग पर दबाव डालकर अपना नामांकन बंद करने से रुकवा लिया। 

आज हम ये मुद्दा लेकर कोर्ट गए, और रमेश बिदूड़ी के नामांकन के खिलाफ रिट पिटीशन दाख़िल की है । आशा है इस मामले में जल्द ही निर्णय होगा और उनका नामांकन रद्द किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में मौजूद राघव चड्ढा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, जब कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ता है, तो उसके पहले उसे अपना पूरा बही खाता चुनाव आयोग को देना होता है। चुनाव आयोग फिर इसे सार्वजनिक करता है, ताकि जनता एफिडेविट को देखकर सोच समझकर फ़ैसला ले, कि इस व्यक्ति को वोट देना है कि नहीं। इसमें अपने वित्तीय जानकारी और ये भी जानकारी देनी होती है, कि क्या मुझपे कोई मुक़द्दमे चल रहे हैं।रमेश बिधूड़ी जी ने उन पर चल रहे आपराधिक मामलों की जानकारी तो दी, लेकिन एक आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी। बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में दर्ज कराई गई FIR, जिसके निर्देश बिहार के एक मैजिस्ट्रेट कोर्ट ने दिए। कोर्ट के आदेश पर उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज हुई है, जो सार्वजनिक थी, अख़बारों में आयी, फ़ेस्बुक पर टैग करी गई, और रमेश बिदूरी के संज्ञान में ये बात अरविंद केजरीवाल जी के वक़ील ने उनके सामने रखी। लेकिन रमेश विधूड़ी जी ने उनके एफिडेविट में इसका ज़िक्र नहीं किया। पूर्वांचल से आज हमारे भाई बहनों के ऊपर दक्षिणी दिल्ली में जो अत्याचार रहे हैं उसके चलते ही FIR दर्ज हुई, उन्होंने उसका डिटेल देना ज़रूरी नहीं समझा।”

राघव चड्ढा ने कहा, “मेरा मानना है कि 30 दिनों के भीतर उनका नामांकन अवश्य रद्द होगा। रमेश जी ने अपने रिप्लाई में ख़ुद ये स्वीकारा है कि उनके ख़िलाफ़ FIR दर्ज है।”

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