Wednesday, July 17, 2019
Follow us on
Download Mobile App
National

सरकारों की नालायकी का भी लेखा-जोखा करे एनजीटी- हरपाल सिंह चीमा

March 27, 2019 07:30 PM

चंडीगढ़, विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने पराली को आग लगाने के मुद्दे पर पंजाब का दौरा कर रही नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) टीम को जोर दिया है कि वह सिर्फ किसानों को ही जागरूकता का पाठ न पढ़ाए बल्कि इसके साथ-साथ इस गंभीर समस्या के हल के लिए पंजाब और केंद्र सरकार की नलायकियों और गैर जिम्मेवारियों का भी लेखा-जोखा करे।

    पार्टी के मुख्य दफ्तर द्वारा जारी बयान में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी हवा, पानी, पेड़, पौधे जीव, जंतू और मिट्टी की देखभाल के मद्देनजर पराली को आग लगाने के हक में नहीं है, परंतु सवाल यह है कि क्या किसान पराली को आग अपनी न-समझी या शौंक के लिए लगाते है। चीमा ने कहा कि पंजाब का किसान कृषि के साथ संबंधित हर नफे नुक्सान के बारे में पूरी तरह से जागरूक है और पराली को आग मजबूरी में लगाता है क्योंकि आगामी फसल बीजने के लिए खेत में पड़ी पराली के साथ निपटने के लिए किसान का प्रति एकड़ करीब 7 हजार रुपए का फालतू खर्च होता है और सरकारों की किसान विरोधी नीतियों के कारण आज किसान के पास यह फालतू खर्चा करने के लिए बिल्कुल भी समर्थ नहीं है। 

विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने पराली को आग लगाने के मुद्दे पर पंजाब का दौरा कर रही नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) टीम को जोर दिया है कि वह सिर्फ किसानों को ही जागरूकता का पाठ न पढ़ाए बल्कि इसके साथ-साथ इस गंभीर समस्या के हल के लिए पंजाब और केंद्र सरकार की नलायकियों और गैर जिम्मेवारियों का भी लेखा-जोखा करे।

इस लिए राज्य और केंद्र सरकार बोनस या सीधी सब्सिडी के रूप में इस खर्च की पूर्ति यकीनी बनाएं। पराली को खेत से उठाने या बिना आग लगाए खेत में ही खपाने के लिए जरुरी यंत्रों और मशीनरी को सब्सिडी के द्वारा हर किसान की पहुंच में किया जाए, पराली से ऊर्जा (बिजली) पैदा करने वाले बड़े आधूनिक प्राजैक्ट राज्य में स्थापित करे।
    चीमा ने कहा कि पराली के निपटारे के लिए सरकारों की तय की जिम्मेवारियों का हिसाब-किताब भी एन.जी.टी. की टीम जरूर ले कर जाए। चीमा ने आरोप लगाया कि सरकारें वातावरण प्रदूषण के नाम पर किसानों के लिए तो कानून का डंडा उठा लेती है परंतु अपनी वित्तीय जिम्मेवारियें को कभी भी गंभीरता के साथ नहीं लेती।
    चीमा ने इस बार पराली को आग लगाने के रुझान में आई कमी का स्वागत करते कहा कि इसके लिए कैप्टन सरकार बिना वजह अपनी पीठ न थपथपाए यह किसानों ने अपनी जेबों से फालतू खर्च बर्दाश्त कर दर्ज करवाई है।
  

Have something to say? Post your comment
More National News
बोल रहे है 'आप' विधायक के काम
'आप' के बिजली आंदोलन का 24 जून को होगा जिला स्तर से अगाज
AAP के 10 दिनों के जनमत संग्रह में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की योजना के पक्ष में 90.8% लोग: गोपाल राय
नगर निगम चुनाव में AAP को हराने के लिए बीजेपी-कांग्रेस ने किया गठबंधन
शीला दीक्षित का शासन होता तो बिजली में ही लुट जाती 'दिल्ली'
दलित विद्यार्थियों का भविष्य तबाह करने पर तुले कैप्टन और मोदी की सरकारें -हरपाल सिंह चीमा
बढ़ौतरी की गई बिजली दरों को कम करने की चेतावनी के साथ 'आप' ने बिजली आंदोलन-2 शुरु करने का किया ऐलान
दिल्ली बोली : ऐसा सिर्फ अरविंद ही सोच और कर सकते हैं
देवली विधानसभा के लोगों को चार महीने में मिलने लगेगा सोनिया विहार का पानी : अरविंद केजरीवाल
सत्ता पाने के लिए नीचता की सारी हदें पार कर के गौतम गंभीर देश की संसद में जाना चाहते हैं लानत है ऐसे व्यक्ति पर :मनीष सिसोदिया