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राज्यपाल के भाषण से गायब है कैप्टन का चुनाव मैनीफैस्टो -हरपाल सिंह चीमा

February 12, 2019 08:50 PM

राज्यपाल के भाषण से गायब है कैप्टन का चुनाव मैनीफैस्टो -हरपाल सिंह चीमा
कहा, कैप्टन सरकार ने राज्यपाल से बुलवाया झूठ 
2 वर्षों में चुनाव मैनीफैस्टो का कोई वायदा नहीं किया पूरा 
900 किसानों की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार कैप्टन तुरंत दें इस्तीफा 

चंडीगढ़, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने राज्यपाल के भाषण को बेबुनियाद बताते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह से पूछा है कि माननीय राज्यपाल के भाषण में कांग्रेस का वह चुनाव मैनीफैस्टो क्यूं गायब है, जिसके द्वारा आप पंजाब के किसानों-मजदूरों, बेरोजगारों, दलितों और बुजुर्गों समेत सभी वर्गों को गुमराह कर 2 वर्ष पहले सरकार बनाई थी।
    विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कैप्टन सरकार पर राज्यपाल बी.पी सिंह बदनौर से झूठ का पुलंदा पढ़वाने का दोष लगाया है। चीमा ने कहा कि राज्यपाल के भाषण में सबसे बड़ा झूठ 'कर्ज कुर्की खत्म, फसल की पूरी रकम' के नाम पर बोला गया है। मौजूदा कांग्रेस सरकार के चुनावी वायदे मुताबिक किसानों और खेत मजदूरों के कर्जे माफ नहीं किए गए परंतु कर्ज माफी के नाम पर धोखा और जलालत दी गई है। यही कारण है कि 2 वर्षों के दौरान 900 से ज़्यादा किसान और खेत मजदूर आत्म हत्या कर चुके हैं। इन 900 किसानों के आत्महत्या के लिए जिम्मेदार कैप्टन अमरिंदर सिंह को तुरंत अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहीए। 
    चीमा ने कहा कि सरकार वित्तीय कंगाली कबूल करती हुई इस वित्तीय संकट के लिए पिछली अकाली-भाजपा सरकार को जिम्मेदार बता रही है, जबकि खुद बादलों के पद-चिन्नों पर चल रही है। मुलाजिम वर्ग वेतन और बुजुर्ग पैनशनों को तरस रहे हैं, परंतु कैप्टन साहिब के शाही-ठाठ के लिए पैसों की कोई कमी नहीं। चीमा ने 72 घंटें में 2 गैंगरेप की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में सरकार और अमन-कानून नाम की कोई चीज नहीं है। 
    पंजाब के पानियों, पंजाबी बोलते इलाकों और राजधानी चण्डीगढ़ के बारे में कैप्टन सरकार को लापरवाह बताते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यदि सरकार पंजाब पानियों और लम्बित रिवायती मुद्दों के प्रति गंभीर होती तो पंजाब के पानियों के मामलों की लड़ाई के लिए उसी शिद्दत के साथ महंगे से महंगे वकील करती जैसे अपने चीफ प्रिंसिपल सैक्ट्री के लिए किए थे। चीमा ने कहा कि जिस लापरवाही के साथ पंजाब के पानियों के केस लड़े जा रहे हैं, वह निराश करने वाला है। पानी की गंभीर समस्या का हवाला देते हुए चीमा ने कहा कि नहरों के माध्यम से खेतों में पानी नहीं पहुंच रहा है और न ही वाटर वर्कस तक, उन्होंने कहा कि सरकार कह रही है कि 40 प्रतिश्त गांवों में पीने योग्य पानी देना बाकी है। जबकि सच यह है कि कुल 40 प्रतिश्त गांवों को भी पीने योग्य पानी नहीं मिल रहा। सेम नाले की समस्या के समाधान को झूठा दावा बताते हुए कहा कि सेम नालों की खुदाई और सफाई सब कागजों में होती है और इस में हुए अरबों रुपए के घोटाले की जांच होनी चाहिए। 

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने राज्यपाल के भाषण को बेबुनियाद बताते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह से पूछा है कि माननीय राज्यपाल के भाषण में कांग्रेस का वह चुनाव मैनीफैस्टो क्यूं गायब है, जिसके द्वारा आप पंजाब के किसानों-मजदूरों, बेरोजगारों, दलितों और बुजुर्गों समेत सभी वर्गों को गुमराह कर 2 वर्ष पहले सरकार बनाई थी।

 चीमा ने कहा कि सभी सरकारी सेवाएं ठप्प हैं। राज्यपाल के बेबुनियादी भाषण द्वारा वाहो-वाही लुटने वाले कैप्टन सरकार कभी सुविधा सैंटरों, थाना, कचहरियों, पटवारखाने, अस्पतालों और स्कूलों में जा कर देखें तो वास्तविक्ता पता लग सकती है। चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोल-बाला है। नशों के हल के बारे में राज्यपाल के भाषण को बिल्कुल झूठ बताते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि नशे के तस्कर पूरी तरह से सक्रिय हैं। नौजवान ओवरडोज से वैसे ही मर रहे हैं जैसे पहले मर रहे थे। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब में नशा खत्म करने के लिए जो श्री गुटका साहिब जी की कसम खाई थी वह उस पर पूरी तरह से कायम नहीं रह पाए, नशा पंजाब में पहले की तरह ओर ज्यादा अपने पैर पसार रहा है।   
    चीमा ने कहा कि पंजाब में कैप्टन सरकार के दौरान कोई नया उद्योग और निवेश नहीं हुआ है। जैसे बादल अरबों-खरबों के इकरारनामें का ढींडोरा पीटते थे उसी तरह कैप्टन सरकार भी कागजी ढींडोरा पीटने में लगी हुई है कि 51,339 करोड़ के 298 इकरारनामे हुए हैं।
    चीमा ने कहा कि ट्रांसपोर्ट, रेता-बजरी, शराब और बिजली माफिया जैसे पहले हावी थे वैसी ही अब भी हावी है। सिर्फ हिस्सेदारियां बदल कर अब कांग्रेसियों के पास आ गई हैं।
    चीमा ने कहा कि राज्य में सडक़ों और बिजली का बुरा हाल है। बिजली के बेहद महंगे बिलों के सताए लोग आज गांव-गांव अन्दोलन कर रहे हैं।
    अस्पतालों की तरह स्कूल और उच्च-शिक्षा पूरी तरह से तबाह हो गई है। चीमा ने कहा कि जितना दलितों को 200 यूनिट बिजली माफी के दावे किए जा रहे हैं वहीं 20 -20, 40 -40 हजार के बिल हाथों में पकड़ कर लोग भटक रहे हैं। जिनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।
    15 नए डिग्री कालेजों का दावा कर रही कैप्टन सरकार को यह फिक्र नहीं कि पिछले 15 सालों से कालेजों में अध्यापकों की पक्की भर्ती ही नहीं की गई।
    चीमा ने कहा कि पंचायती राज्य प्रणाली पूरी तरह से चरमरा गई है। मनरेगा स्कीम अपने आप में सैंकड़ों करोड़ रूपए का घोटाला बना दिया गया। 
    चीमा ने हर सडक़ को टोल प्लाजा के अधीन लाने का विरोध करते हुए कहा कि आजादी संग्रामियों के परिवारों की तरह पंजाब के सभी पंच-सरपंचों, नंबरदारों और फौजियों और पूर्व फौजियों को टोल प्लाजा से राहत दी जाए।
    चीमा ने फसलों के मुआवजे के लिए निर्धारित की गई 12 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजे को न काफी बताते हुए 100 प्रतिश्त मुआवजे की मांग की। नौजवानों को मोबाइल फोन के बारे में चीमा ने कहा कि सरकार ने आज विधान सभा में भी मान लिया है कि उसने 2 वर्ष बाद भी मोबाइल फोन देने का वायदा पूरा नहीं किया। चीमा ने कहा कि नौजवानों को मोबाइल फोनों से ज्यादा नौकरी-रोजगार की जरूरत है। 
    हरपाल सिंह चीमा ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश उत्सव के अवसर पर हरगांव में 550 पौधे लगाने की योजना का स्वागत करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इसके लिए पूरा सहयोग करेगी।
    

 

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