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राजस्थान की राजनीति में तूफान, प्रदेश के बड़े किसान नेता भाजपा छोड़ ’आप’ में शामिल

October 18, 2018 11:21 AM

अरविंद केजरीवाल ने कहा किसान के लिए चल रही लड़ाई को मजबूती मिलेगी.

रामपाल जाट ने कहा जहां मुद्दों की उपेक्षा होती है वहां काम करना असहज हो जाता है.

जयपुर। भाजपा से जुड़े किसान महापंचायत के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट द्वारा बुधवार को आम आदमी पार्टी ज्वाइन करते ही प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसान नेता के इस फैसले का स्वागत करते हुए खुशी जताई और कहा कि इससे किसानों के हितों को लेकर चल रहे आम आदमी पार्टी के संघर्ष को और मजबूती मिलेगी।

जयपुर पिंक सिटी प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान किसान नेता रामपाल जाट के आम आदमी पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की गई। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश प्रभारी दीपक बाजपेयी, सहप्रभारी खेमचंद जागीरदार, समन्वयक देवेंद्र शास्त्री, सांगानेर के प्रत्यशी जवाहर शर्मा, किसान नेता व सामाजिक कार्यकर्ता गिरिराज सिंह खंगारोत, मुनिन्द्र सिंह हाईकोर्ट के अधिवक्ता तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। रामपाल जाट ने कहा कि हर राजनीति दल किसान को एक शाखा के रूप में मानते हैं। किसान संपूर्ण देश है और वह मुख्य धारा है जब तक उसे केंद्र बिंदु मानकर नहीं सोचा जाएगा तब तक देश का विकास संभव नहीं है। किसान को भीख मांगने वाला नहीं बल्कि उसे आत्मनिर्भर बनाकर अन्नदाता बनाया जाना चाहिए। 

जयपुर पिंक सिटी प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान किसान नेता रामपाल जाट के आम आदमी पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की गई। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश प्रभारी दीपक बाजपेयी, सहप्रभारी खेमचंद जागीरदार, समन्वयक देवेंद्र शास्त्री, सांगानेर के प्रत्यशी जवाहर शर्मा, किसान नेता व सामाजिक कार्यकर्ता गिरिराज सिंह खंगारोत, मुनिन्द्र सिंह हाईकोर्ट के अधिवक्ता तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

जाट ने कहा कि आम आदमी पार्टी की विचार धारा उनकी सोच से मेल खाती है। इसलिए वे पार्टी ज्वाइन कर रहे हैं। भाजपा छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जहां मुद्दों की उपेक्षा होती है वहां काम करना असहज हो जाता है। विभिन्न मंचों पर मैंने और वर्तमान सीएम वसुंधरा राजे ने कई बार किसानों की बात कही, किसानों ने हमसे पूछा था कि राज आने पर उनकी समस्याएं हल हो जाएंगी, तब हमने हां कहा था। राजे ने कहा था कि कथनी और करनी में अंतर नहीं होगा, मगर वही हुआ.

उन्होंने कहा कि भाजपा में अब मुद्दों की उपेक्षा हो रही है, मैंने सीएम से कहा कथनी और करनी एक कर दो लेकिन, असर नहीं हुआ। इसलिए पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है। रामपाल जाट ने कहा कि राजस्थान का मतदाता चाहता है कि उसे भाजपा और कांग्रेस से मुक्ति मिले। इसके लिए राजस्थान में एक सशक्त विकल्प की जरुरत है। वर्तमान में राजस्थान में आम आदमी पार्टी सशक्त विकल्प है।

इससे पहले पार्टी के प्रदेश प्रभारी दीपक बाजपेयी ने उन्हें आम आदमी पार्टी की टोपी और दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। बाजपेयी ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का संदेश पढ़ कर सुनाया, केजरीवाल ने अपने संदेश में कहा है कि रामपाल जाट ईमानदार और संघर्षशील नेता हैं। उनके पार्टी में शामिल होने से किसानों के हितों को लेकर चल रहे संघर्ष को और ज्यादा मजबूती मिलेगी। बाजपेयी ने कहा कि आम आदमी पार्टी देश भर में किसानों की आवाज बन रही है, पार्टी राजस्थान में सरकार बनाती है तो यहां कानून लाकर किसान राज की स्थापना की जाएगी। किसान को उसकी फसल का मूल्य और मुनाफा मिले, इसके लिए कई कदम उठाए जाएंगे। किसान नेता रामपाल जाट भी इन्हीं मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनके साथ आने से यह लड़ाई और मजबूती के साथ लड़ी जा सकेगी।

गौरतलब है कि भाजपा का दामन छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए किसान नेता रामपाल जाट ने 27 साल तक राजस्थान हाईकोर्ट में वकालात की और फिर अतिरिक्त महाधिवक्ता बनें। वे 1986 से ही किसान चेतना और उनके हितों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कई बड़े आंदोलन उनके नेतृत्व में हुए हैं। इसके तहत 45000 गांवों में ग्राम बंद, पृथ्वीराजनगर के 22 गांवों की 11613 बीघा भूमि को अधिग्रहण से मुक्त कराने के लिए आंदोलन, 6 मई से 12 अगस्त 2015 तक आयोजित भूमि बचाओ किसान बचाओ 100 दिन की यात्रा जैसे आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राम पाल किसान आंदोलनों के दौरान कई बार जेल भी गए, पत्रकार वार्ता में आम आदमी पार्टी के नेता तरूण गोयल, दीपक मिश्रा, गोपाल शर्मा, अभिषेक रॉय, अभिषेक बिट्टू, आशोक गर्ग सहित पार्टी के अन्य गणमान्य नेता मौजूद थे।

 

 

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